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एक्सक्लूसिव: राजधानी देहरादून में 400 बेटियों ने कभी नहीं देखा स्कूल, अब बनेंगी साक्षर

Thu, 24 Sep 2020 02:30 AM IST
अलका त्यागी सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • 12 अक्तूबर को 64 बालिकाओं का विकास नगर स्थित स्कूलों में होगा एडमिशन, प्रशासन देगा ड्रेस और स्टेशनरी 
  • -प्रशासन के सर्वे में 11 से 14 साल की 400 बालिकाएं मिलीं निरक्षर
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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राजधानी देहरादून में 400 बालिकाओं ने आज तक स्कूल की सूरत नहीं देखी है, लेकिन अब ये साक्षर बनेंगी। जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे सर्वे में 400 बालिकाएं निरक्षर मिली हैं। इन बालिकाओं में से 64 बालिकाओं का विकासनगर स्थित स्कूलों में आगामी 12 अक्तूबर को एडमिशन कराया जाएगा। शेष बालिकाओं के पढ़ने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।  

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जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए सर्वे शुरू कराया है। इसके जरिए अब तक 400 निरक्षर बालिकाएं सामने आई हैं। उन्होंने बालिकाओं को स्कूल में दाखिले और उन्हें स्टेशनरी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही लोगों से भी अपील की है कि वह निरक्षरों को साक्षर बनाने में आगे आएं। 

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बेटी को बचाना ही नहीं पढ़ाना भी है 

जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश कुमार मिश्रा कहते हैं कि बेटी को बचाना ही नहीं बल्कि उन्हें पढ़ाना भी है। जमाना पोस्टकार्ड से आई फोन तक पहुंच गया, लेकिन अब भी बालिकाओं के साथ भेदभाव हो रहा है। उनसे पढ़ाई का हक छीना जा रहा है, जो सही नहीं है। 

बेटियों को भी पढ़ने का उतना ही अधिकार है, जितना बालकों को है। सर्वे में 400 निरक्षर बालिकाएं सामने आई हैं, जिन्हें पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। हमारा प्रयास है कि जिले में कोई भी निरक्षर न रहे।
-डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
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