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एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड की सड़कों को गड्डामुक्त बनाने को अक्तूबर से चलेगा अभियान

Thu, 17 Sep 2020 12:09 PM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड की सड़कों को गड्ढ़ामुक्त बनाने का अभियान अक्तूबर माह से शुरू होगा। लोनिवि ने इस वित्तीय वर्ष में करीब पांच हजार किमी सड़कों की मरम्मत का लक्ष्य बनाया था। लेकिन विभाग मानसून से पहले तक वह करीब 19 प्रतिशत सड़कों की ही मरम्मत कर सका है। 

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बारिश में जिन सड़कों पर कुछ कार्य हुआ भी था, उनकी भी हालत खस्ता है। सितंबर के आखिरी हफ्ते में बारिश थम जाने के आसार हैं। इसके साथ ही लोनिवि की मशीनरी सड़कों का उद्धार करने में जुट जाएगी। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु के मुताबिक, विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मौसम ठीक रहा तो अक्तूबर माह के पहले हफ्ते से ही सड़कों पर काम युद्धस्तर पर शुरू हो जाएंगे। वे स्वयं सड़कों पर चलने वाले कार्य की प्रगति और तेजी को देखने के लिए दौरों का कार्यक्रम बना रहे हैं।

सड़कों के नवीनीकरण का काम भी पकड़ेगा जोर
पांच हजार किमी से अधिक की सड़कों को जहां गड्ढामुक्त बनाया जाने का लक्ष्य है। वहीं सड़कों का नवीनीकरण भी होना है। लोनिवि ने इस साल 1232 किमी सड़कों का नवीनीकरण करना है। मरम्मत और नवीनीकरण के लिए विभाग के पास पर्याप्त बजट है। अनलॉक चार में मजदूरों की कमी और बंदिशें कम हो गई हैं। लिहाजा उम्मीद है कि सड़कों का काम तेजी पकड़ेगा।
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मानसून से पहले बहुत धीमी प्रगति
लोनिवि के आंकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान 1232 किमी सड़कों के नवीनीकरण की तुलना में केवल 97 किमी सड़क का ही उद्धार हो सका। इसी तरह 5147 किमी सड़क की मरम्मत की तुलना में केवल 942 सड़क की मरम्मत हो सकी। अनलॉक-दो व तीन में मरम्मत कार्य हुआ लेकिन मानसून के आते ही लोनिवि की प्राथमिकता बदल गई।

सत्ता पक्ष के विधायकों का भी दबाव
सड़कों की खस्ता हालत को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक भी परेशान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने चुनाव क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत और सुधारीकरण का कार्य कराने का मुद्दा उठाया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मानसून के बाद सड़कों के सुधारीकरण का काम युद्धस्तर पर होगा।

बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की मरम्मत और सुधारीकरण का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। मैं स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करूंगा। बजट की कोई कमी नहीं है।
- आरके सुधांशु, सचिव, लोनिवि।

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अगस्त तक सड़क दुर्घटनाओं में आई 37.50 प्रतिशत की कमी

पिछले साल की तुलना में अगस्त माह तक सड़क दुर्घटनाओं में 37.50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों से सड़क सुरक्षा समितियों की बैठक कर हादसे रोकने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है। इस संबंध में उन्होंने सभी को पत्र लिखा है। साथ ही दुर्घटनाओं के तुलनात्मक आंकड़े भी भेजे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 में अगस्त माह तक प्रदेश में 936 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनकी तुलना में वर्ष 2021 में अगस्त तक 585 सड़क हादसे ही हुए। इस तरह दुर्घटनाओं में 37.50 प्रतिशत की कमी आई। अगस्त 2020 तक सड़क हादसों में 582 लोगों की जान गई थी, जबकि अगस्त 2021 392 लोगों की मौत हुई।

यानी सड़क हादसों में कमी के साथ ही उनमें होने वाली मौतों की दर 32.85 फीसदी तक कम रही। इसी तरह घायलों की संख्या में कमी आई है और गत वर्ष की तुलना में यह कमी 54.53 प्रतिशत तक रही है। केवल उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले में घायलों की संख्या की दर में बढ़ोतरी देखी गई है।

दुर्घटनाओं में कमी के बावजूद परिवहन आयुक्त ने जिला सड़क सुरक्षा समितियों के अध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्हें तैयारियों को लेकर बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ब्लैक स्पॉट में सुधारीकरण की कार्ययोजना बनाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय करने,  प्रवर्तन की कार्रवाई में तेजी लाने, नियम विरूद्ध स्कूल वाहन संचालन पर कार्रवाई करने को कहा है।
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