वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कैमरों को नुकसान उन लोगों की ओर से पहुंचाया जा रहा है, जो जंगल में अवैध रूप से प्रवेश करते हैं और चाहते हैं कि इसकी भनक किसी को न लगे।
मामले अधिक नहीं, जानकारी का नुकसान अधिक बढ़ा
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कैमरा चोरी होने के मामले प्रदेश में अधिक नहीं हैं। पूरे देश में वन विभागों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अधिक बड़ा नुकसान कैमरे में दर्ज जानकारी न मिलने का है। इससे बचने के लिए फीड कम अंतराल पर हासिल किया जा रहा है।
कैमरा ट्रेप चोरी होने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन यह इतने अधिक नहीं हैं। वन विभाग की मजबूरी है कि कैमरों को वन्यजीवों की आवाजाही के स्थान पर, वन मार्गों केे किनारे आदि स्थानों पर लगाए। कई स्थान ऐसे भी हैं जहां कैमरों तक पहुंच आसान होती है। इन्हीं स्थानों से कैमरे चोरी रहे हैं। सभी मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
- जेएस सुहाग, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक