भारतीय सेना में तैनात सैनिक व पूर्व सैनिक राज्य सचिवालय और विधानसभा में अब अपना सैन्य परिचय पत्र दिखाकर प्रवेश पा सकेंगे। सचिवालय प्रशासन विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने
अमर उजाला और राज्य सरकार के आयोजन ‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान’ में जल्द सैनिकों व पूर्व सैनिकों को सचिवालय व विधानसभा में परिचय पत्र पर प्रवेश देने की घोषणा की थी और कहा था कि इसका जल्द शासनादेश जारी हो जाएगा। उनकी इस घोषणा के तत्काल बाद मंगलवार को सचिवालय प्रशासन (प्रवेश पत्र) अनुभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।
सचिवालय प्रशासन ने गत एक अगस्त 2019 को जारी शासनादेश में यह संशोधन किया है। इससे पहले प्रदेश सरकार चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को भी प्रवेश पत्र बनाने की सुविधा प्रदान कर चुकी है। आंदोलनकारियों को यह सुविधा है कि वे परिचय पत्र के आधार पर अपना प्रवेश पत्र बनवा सकते हैं। उन्हें प्रवेश पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।