पूछताछ में श्याम सिंह ने बताया कि उसे विश्वास था कि मंदीप को ठिकाने लगाने के बाद पत्नी पूजा वापस आ जाएगी। पूजा एक बेटे और बेटी को छोड़कर गई थी और मंदीप से शादी कर ली थी।
कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि श्याम सिंह का ममेरा भाई शेर सिंह मंदीप को शुक्रवार की शाम शराब का बहाना बनाकर नहर के पास ले गया। इसके बाद श्याम सिंह और प्रमोद को बुलाया और फिर अपनी योजना को अंजाम दिया।
शेर सिंह को भी अपनी पत्नी को भगाने में मंदीप का हाथ होने का था शक
एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि शेर सिंह की पत्नी भी पूर्व में भाग चुकी थी। शेर सिंह को शक था कि उसके भागने में मंदीप ने मदद की है। इस पर वह भी उससे बैर रखता था। उसने तीन माह पहले ही बनबसा में मंदीप की बंटाई की जमीन के पास ही भूमि बंटाई में ली।
वह उसके संपर्क में था और वह मंदीप को कई बार शराब पिलाने लाया। हत्याकांड से पहले शुक्रवार को उन्होंने आलाविरदी गांव में शराब पी और उसके बाद वह नदन्ना आए। जहां दोस्त प्रमोद और श्याम सिंह को बुलाया। प्रमोद ने इस दौरान हेलमेट पहना था।
मौत हुई है या नहीं इसकी जांच करने दोबारा आए
वारदात को अंजाम देने के तीनों आरोपी वहां से चले गए। इसके बाद प्रमोद और शेर सिंह दोबारा घटनास्थल यह देखने पहुंचे कि मंदीप मरा चुका है या नहीं। इसके बाद उन्होंने शव नहर किनारे फेंक दिया। एएसपी ने बताया कि प्रमोद ने ही मंदीप पर पहला वार किया था।