फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्रियों को HC से झटका, 16 दिसंबर तक खाली करने होंगे आवास

Mon, 24 Oct 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
high court comment on ex cm house - फोटो : AmarUjala
विज्ञापन
हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद यह करीब-करीब तय हो गया है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास 16 दिसंबर तक खाली करने होंगे। सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों की ओर से छह माह का समय देने की मांग को ठुकरा दिया।
विज्ञापन


इतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने पलट कर सरकार से यह भी पूछा कि वह पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवास में रहने का कितना किराया लेगी और उसे किस तरह से वसूल करेगी। अब इस मामले की सुनवाई 21 नवंबर को होगी।

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रुलक (रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट केंद्र) ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और अन्य सुविधाएं दी हैं। इससे सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने आवास के साथ किराया भी लेने को कहा

पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी का सरकारी आवास - फोटो : AmarUjala
पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास वापस लिया जाए और किराया भी वसूला जाए। सरकार ने कोर्ट को बताया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक आवास को खाली करने का नोटिस जारी किया जा चुका है। पूर्व में कोर्ट ने पूछा था कि वे कब तक आवास खाली कर देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का तो कहना था कि वे नवंबर में ही आवास खाली कर देंगे।

सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आवास खाली करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय भी मांगा। पूर्व मुख्यमंत्रियों की इस मांग को हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया।

आवास खाली किए जाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग ठुकराए जाने के बाद अब यह तय है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास 16 दिसंबर तक खाली करने होंगे।

अब किराए को लेकर होगी तकरार

रमेश पोखरियाल निशंक का सरकारी आवास - फोटो : AmarUjala
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि नियत करते हुए सरकार से पूछा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा प्रयुक्त अवधि के लिए कितना किराया लेगी व उसे किस प्रकार वसूल करेंगी। प्रदेश में इस समय पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा सरकारी आवासों का उपयोग कर रहे हैं।

सरकारी आवास खाली करने के मामले में मात खाने के बाद अब किराए को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसमें सबसे अधिक भार पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पर पड़ना तय है।
विज्ञापन

सबसे लंबे समय तक आवास में रहे कोश्यारी

भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : Self
इसका कारण यह है कोश्यारी प्रदेश में नित्यानंद स्वामी के बाद कुछ समय तक मुख्यमंत्री रहे थे और इस हिसाब से सबसे अधिक  लंबे समय से इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। चुनौती सरकार के सामने भी है।

सरकार को अब यह तय करना है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों से किराया किस तरह से वसूला जाएगा। सरकार अगर पूर्ण अवधि का किराया वसूलना तय करती है तो पूर्व मुख्यमंत्रियों को खासी बड़े बोझ का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें