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पूर्व सीएम बोले, ‘चीफ साहब, ये फ्लाईओवर नही मौत का रास्ता है’

Wed, 10 May 2017 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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balliwala flyover - फोटो : AmarUjala
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पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बल्लीवाला फ्लाईओवर को मौत का रास्ता करार दिया है। उनका कहना है कि फ्लाईओवर के निर्माण में प्रस्तावित मानकों की अनदेखी की गई जिसकी जांच करायी जाएगी। पूर्व सीएम ने डाट काली मंदिर के पास प्रस्तावित डबल लेन सुरंग का भी डिजाइन देखने के साथ ही मौके पर निरीक्षण किया।
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पूर्व सीएम डॉ. निशंक ने बल्ली वाला फ्लाईओवर का निरीक्षण करते समय राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा से कहा कि ये फ्लाईओवर नही वरन मौत का रास्ता है। जिस तरीके से फ्लाईओवर पर आए दिन हादसे हो रेह हैं इसके लिए तमाम अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

उन्होंने मुख्य अभियंता से पूछा कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पुल के निर्माण का अनापत्ति प्रमाण पत्र नही दिया तो कैसे फ्लाईओवर का निर्माण कर लिया गया। 
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ऑल वेदर रोड के रास्ते में बनेंगे 35 अत‌िथ‌िगृह

जब फ्लाईओवर फोरलेन प्रस्तावित था तो टू लेन किसने इशारे पर किया गया? पूर्व सीएम ने डाट  काली मंदिर के पास प्रस्तावित टू लेन सुरंग का भी अफसरों के साथ निरीक्षण  किया।

उन्होंने विभागीय अभियंताओं के साथ बैठक कर ‘आल वेदर रोड’ की भी समीक्षा की। कहा कि आल वेदर रोड के रास्ते में 35 अतिथिगृहों का भी निर्माण कराया जाय ताकि पर्यटकों को ठहरने में आसानी हो।

उन्होंने मोहकमपुर और अजबपुर में निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज को समय रहते पूरा कराने का निर्र्देश दिया। इसके अलावा हरिद्वार के रुड़की, इकबालपुर, ज्वालापुर और लक्सर में प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज का काम जल्द करने की बात कही।  
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मौत का फ्लाईओवर निगल चुका छह जिंदगी

 बल्लीवाला फ्लाई ओवर अब तक छह इंसानी जिंदगी निगल चुका है। फ्लाई ओवर के उद्घाटन के साथ हादसों का सिलसिला शुरू हो गया। एक-एक कर छह नौजवान फ्लाई ओवर अपनी जिदंगी से हाथ धो चुके है।

घायलों की संख्या तो अनगिनत है। अमर उजाला ने फ्लाई ओवर की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की निंद्रा तोड़ने की मुहिम चलाई थी। कुछ दिन पुलिस भी मुस्तैद रही।

एसपी ट्रैफिक ने फ्लाई ओवर की कमियों को चिहिंत कर उसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को दी थी। उस पर थोड़ा काम होने के बाद हादसों में जरूर कमी आई है, लेकिन अभी यहां हादसों का खतरा बरकरार है। 
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