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पूर्व सैनिकों का सम्मान, CM बोले- फौजी कभी रिटायर नहीं होते

Wed, 04 Jan 2017 11:43 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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पूर्व सैन‌िक सम्मान समारोह में सीएम रावत - फोटो : AmarUjala
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फौजी कभी रिटायर नहीं होते। ड्यूटी के दौरान सरहद पर देश की हिफाजत करते हैं। जबकि, सिविलियन बनने के बाद वे मुस्तैदी से समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हरीश रावत फॉर यूथ संस्था के पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह बात कही।
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बुधवार को न्यू कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सम्मान समारोह में सीएम हरीश रावत ने कहा कि आप लोगों को रिटायर कहना सही नहीं होगा। यदि आप रिटायर हो गए तो समाज की गति रुक जाएगी। फौजी वर्दी में आप सरहद की हिफाजत और सिविलियन के रूप में समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

जिस तरह हिमालय उत्तराखंड का मस्तक है, उसी तरह राज्य के गौरवशाली सैनिक भी हमारा शीष हैं। सत्तारूढ़ दल हो या विपक्ष, यह समझना आवश्यक है कि सेवारत व सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवार की समस्याओं को समझे बगैर उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास की बात बेमानी है।
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सामने आई पूर्व सैनिकों की गुटबाजी

हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
मुख्यमंत्री ने समावेशी सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया। पूर्व सैनिकों व वीर नारियों से स्वरोजगार के प्रयासों से भी जुड़ने का आह्वान भी उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सोचकर काफी कुछ आया था, लेकिन आचार संहिता लग चुकी है और हालात बदल चुके हैं। लेकिन जो कुछ आपने कहा वह हमारे लिए भविष्य के दिशा-निर्देश हैं।

कार्यक्रम में ले. जनरल (रि) गंभीर सिंह नेगी, ले. जनरल (रि) टीपीएस रावत, ब्रिगेडियर (रि) केजी बहल, ब्रिगेडियर (रि) आनंद बहुगुणा, मेजर (रि) हरि सिंह चौधरी, ले. कर्नल (रि) गंगा सिंह रावत, कैप्टन (रि) बलबीर सिंह रावत, पीटीआर (रि) शमशेर सिंह बिष्ट, संस्था के संयोजक रितेश क्षेत्री, फारुख राव आदि उपस्थित रहे। संचालन भगवती प्रसाद ने किया।

पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में आयोजकों ने कोशिश की थी कि सभी पूर्व सैनिकों को एक छत के नीचे लाया जाए। सभी आए भी, लेकिन मांगों और मुद्दों को लेकर गुटों में बंटे नजर आए। कई पूर्व सैनिकों ने तो सीएम के सामने अपने संगठन की समस्याएं तक रखीं। कई बार विवाद की स्थिति भी बनी। जिस पर सीएम को कहना पड़ा कि आप सभी अलग-अलग रत्न हैं। कोई एक दूसरे से कम नहीं है।
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सीएसडी कैंटीन पर विवाद होते-होते बच गया

हरीश रावत - फोटो : self
पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में कई बार स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामला सीएसडी कैंटीन में लिकर रेट पर आकर फंस गया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार दावा जरूर कर रही है, लेकिन रेट अभी तक कम नहीं हुए।

इस पर चर्चा हुई तो शोर मचने लगा। रेट कम न होने की बात पर पूर्व सैनिकों ने हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया। लिहाजा, बीच में ही सीएम हरीश रावत को माइक लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे शासनादेश कर चुके हैं।

एक सीमा तक जल्द ही रेट कम हो जाएंगे। पीबीओआर संगठन ने मंच पर प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर विरोध जताया। अध्यक्ष पीटीआर शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि पीबीओआर के साथ हमेशा ही दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है।
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