उच्च न्यायालय ने विधानसभा चुनावों में ईवीएम में गड़बड़ी मामले पर सुनवाई के लिए चार मई की तिथि नियत की है। पूर्व में याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत जल्द सुनवाई करने की मांग की थी।
मंगलवार को न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत भाजपा के अन्य विधायकों के खिलाफ न्यायालय में कांग्रेस प्रत्याशियों ने लगभग आठ याचिकाएं दाखिल की थीं।
याचिकाआें में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए चुनाव को निरस्त करने की मांग की गई है। याचिकाओं में कहा गया था कि जो ईवीएम सूचियां भेजी गई थीं उनके स्थान पर कई जगहों पर अन्य मशीनों का प्रयोग किया गया और प्रत्याशियों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई।
याचिका में कहा कि कुछ जीते प्रत्याशियों ने चुनाव परिणाम से पहले ही अपने फेस बुक पर चुनाव नतीजे घोषित कर दिए जो चुनाव परिणाम से मेल खाते हैं। विकासनगर में हजारों मतदाता अन्य विधानसभाओं के हैं । इसमें बीजेपी प्रत्याशी का नाम भी दो विधानसभाओं की वोटर लिस्ट में शामिल है।