उत्तराखंड में अब हो सकता है कि ईवीएम से चुनाव न कराए जाएं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे लेकर अपना मत रखा है। राज्य चुनाव आयोग ने सरकार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर चुनाव कराने के लिए 17 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन उसे 17 रुपये नहीं मिले। यह आरोप राज्य चुनाव आयुक्त सुबर्द्धन ने बुधवार को एक पत्रकार वार्ता के दौरान लगाया।
उनके इस बयान से यह बात साफ हो गई कि आयोग इस बार ईवीएम से निकाय चुनाव नहीं करा पाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग की सभी निकायों में ईवीएम पर चुनाव कराने की तैयारी थी। आयोग ईवीएम और वीवीपैट के साथ निकाय चुनाव कराना चाहता था।
लेकिन सरकार ने इसके लिए धनराशि जारी नहीं की। क्या आयोग कुछ निकायों में ईवीएम से चुनाव कराएगा? इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है कि कहीं चुनाव ईवीएम पर और कहीं मतपत्रों पर कराए जाएं।
उन्होंने संकेत दिए कि अब सभी निकायों में मतपत्रों पर चुनाव कराएगा। उन्होंने कहा कि लोग आयोग से लगातार सवाल पूछ रहे थे कि वह चुनाव ईवीएम पर कराएगा या मत पत्रों पर। लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट होने की वजह से आयोग कुछ कहने की स्थिति में नहीं था।