उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार
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प्रदेश में अब सभी जिलों में एक-एक मोबाइल फोरेंसिक वैन और थाना स्तर पर बाइक के साथ मोबाइल क्राइम किट दी जाएगी। इससे पुलिस को किसी भी घटनास्थल के निरीक्षण और साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही निरीक्षक से लेकर मुख्य आरक्षी स्तर तक को टैबलेट, बॉडी वार्न कैमरा, मोबाइल क्राइम किट और फिंगर प्रिंट स्कैनर दिए जाएंगे। डीजीपी ने अधिकारियों को इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्याय प्रक्रिया की आवश्यकताओं के अंतर्गत मशीन, उपकरण और संयंत्रों की आवश्यकता-आकलन को लेकर बैठक की। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित अभियोजन, न्याय विभाग और कारागार विभाग के अधिकारी शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सभी थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए उपकरण देने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। थाना स्तर पर दिए जाने वाले एफएसएल किट से संबंधित उपकरणों का प्रस्ताव भी तैयार किया जाए। सीमावर्ती राज्यों से एफएसएल किट से संबंधित जानकारी की जाए।
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कहा कि न्यायालयों में इलेक्ट्रानिक माध्यम से साक्ष्य दिए जाने के लिए थाना स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम युक्त रूम तैयार होंगे। विभिन्न मुकदमों से संबंधित साक्ष्यों के रखरखाव के लिए जिलों में एविडेंस मैनेजमेंट सेंटर बनाया जाएगा। निर्देश दिए कि मुकदमों में विवेचकों के पास डिजिटल सिग्नेचर की सुविधा हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि विवेचक केस डायरी एवं चार्जशीट इलेक्ट्रानिक रूप से ही न्यायालय में दाखिल करें।
डीजीपी ने कहा कि मुकदमों से संबंधित डाटा स्टोरेज के लिए सभी जिलों में एक-एक डाटा स्टोरेज सेंटर स्थापित किया जाएगा। डीजीपी ने निर्देश दिए कि आमजन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही के लिए न्यायालय के निर्देशों को देखकर अधिसूचित स्थानों को भी चिन्हित किया जाए। न्यायालय की ओर से जारी ई-समन के परिपेक्ष में आईसीजेएस और सीसीटीएनएस पोर्टल में डाटा इंटिग्रेशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।