मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हां कहने के बाद भी कर्मचारियों के महाधिवेशन में नहीं आए। सैकड़ों कर्मचारी हाथों में हार उठाए मुख्यमंत्री के आने की राह देख रहे थे। जब इंतजार की इंताह हो गई तो सरकार के लोगों से वजह जानने का प्रयास हुआ।
बताते हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद मुखिया को इतनी थकान हो गई थी कि उन्होंने अपने कई कार्यक्रम स्थगित कर दिए। लेकिन कर्मचारियों के बीच सीएम ही नहीं पूरी 'सरकार' की गैरमौजूदगी को लेकर तरह चर्चाएं कुछ और ही हो रही हैं। इनके मुताबिक, निगम और निकाय कर्मचारी संगठनों में गुटबाजी के चलते सीएम और मंत्री प्रोग्राम से कन्नी काट गए।
प्रोग्राम में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, अरविंद पांडेय और मदन कौशिक से भी पक्की बात हुई थी, लेकिन पहुंचा कोई नहीं।
सचिवालय के पास स्थित वेडिंग प्वाइंट में आज कर्मचारियों का महाधिवेशन आयोजित किया गया था। इसमें नगर निकायों के अलावा जल संस्थान, जिला पंचायत और कई अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए सरकार के आभार के वास्ते यह महाधिवेशन रखा गया था, लेकिन सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई नहीं आया। भाजपा संगठन की तरफ से जरूर प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष वन विकास निगम ज्योति प्रसाद गैरोला पहुंचे। मगर सरकार के प्रतिनिधि न होने के कारण कर्मचारी उन्हें ज्ञापन देने की स्थिति में नहीं रहे। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली से सीधे दून यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद, जब उनका काफिला निकला, तो उम्मीद बंधी कि वे सीधे इस कार्यक्रम में आ रहे हैं, लेकिन वे अपने आवास चले गए। जब सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी कार्यक्रम स्थल से चले गए, तो कर्मचारियों में मायूसी छा गई। छोटे-छोटे समूह में बंटकर कर्मचारी सरकार के रवैये पर चर्चा करते दिखाई दिए। उनकी बातों से नाखुश साफ झलकी। महासंघ के अध्यक्ष संतोष सिंह रावत और कार्यकारी अध्यक्ष गजेंद्र कपिल ने कहा-सरकार का कोई भी प्रतिनिधि थोड़ी देर के लिए भी आता, तो खुशी होती। वैसे भी हम कुछ मांग नहीं रहे थे, आभार ही प्रकट कर रहे थे।
इधर, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने साफ किया है कि उन्हें इस कार्यक्रम में जरूर रहना था, लेकिन नानकमत्ता में सिख समाज के कार्यक्रम में सीएम ने उन्हें अपने प्रतिनिधि बतौर भेज दिया। इस वजह से उनका कार्यक्रम में आना संभव नहीं हो पाया। दूसरी तरफ, सीएम के मीडिया कॉर्डिनेटर दर्शन सिंह रावत ने बताया कि स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण सीएम के आज के दो कार्यक्रम स्थगित करने पडे़।