चकराता वन प्रभाग की कोटि कनासर रेंज परिसर से केस प्रॉपर्टी के 37 देवदार के स्लीपर चोरी होने के मामले में विभाग के हाथ दो सप्ताह बाद भी खाली हैं। ऐसे में वनकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में कार्रवाई के नाम पर केवल एक वनरक्षक को निलंबित किया गया है।
दो सप्ताह पहले कोटि कनासर रेंज वन परिसर से देवदार के 37 स्लीपर चोरी कर लिए गए थे। इस घटना को वन विभाग ने दो दिनों तक दबाए रखा। मामला प्रकाश में आने पर आनन-फानन में कार्रवाई के नाम पर एक वनरक्षक का निलंबन कर दिया गया था। लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी चोरी की गई केस प्रॉपर्टी का कहीं अता पता नहीं चला है। इसके चलते छापामारी कर कीमती लकड़ी को पकड़कर विभाग को सौंपने वाले वनकर्मियों में रोष व्याप्त है। वन एवं पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि जब वन परिसर से ही केस प्रॉपर्टी देवदार के स्लीपर चोरी होने लगे हैं तो वनों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। डीएफओ चकराता मयंक शेखर झा का कहना है कि सहायक वन संरक्षक चकराता के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। बताया कि टीम मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आधार पर कार्रवाई की जाएगी।