फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun: छह साल बाद भी लटका है उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विवि का मामला, आरटीआई के तहत मांगी सूचना में खुलासा

Fri, 27 Mar 2026 01:26 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2019 में रानीपोखरी में उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विवि की स्थापना का निर्णय लिया था। लेकिन आज तक यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

विज्ञापन
कैबिनेट बैठक - फोटो : सूचना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मंत्रिमंडल के निर्णय के छह साल बाद भी उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना का मामला लटका है। मंत्रिमंडल ने वर्ष 2019 में निर्णय लिया था कि रानीपोखरी में इसकी स्थापना की जाएगी। इस बीच इसके कुमाऊं मंडल में स्थापना के भी प्रयास हुए। भाजपा नेता रविंद्र जुगरान की ओर से आरटीआई के तहत मांगी सूचना में यह बात सामने आई है।

भाजपा नेता जुगरान ने आरटीआई के तहत उच्च शिक्षा विभाग से 14 बिंदुओं पर सूचना मांगी। विभाग की ओर से दी गई 400 पेज की सूचना में कई बात सामने आई हैं। सूचना में बताया गया है कि उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट के वर्ष 2019 के पारित संकल्प को मंत्रिमंडल के सामने विचारार्थ प्रस्तुत किए जाने पर मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय विधि विवि की स्थापना रानीपोखरी में की जाए।

विज्ञापन


ब्रिडकुल को कार्यदायी संस्था नामित किया
मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने रानीपोखरी के लिस्ट्राबाद में इसके लिए भूमिपूजन किया। वहीं, विवि की स्थापना के लिए ब्रिडकुल को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। इसके बावजूद इस बीच इसकी स्थापना के लिए कुमाऊं मंडल में भी भूमि की तलाश की गई।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 28 अप्रैल 2023 को निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए किच्छा ऊधमसिंह नगर और गौलापार हल्द्वानी में भूमि की खोज की जाए। बैठक में लिए गए निर्णय पर पत्रावली शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के पास प्रस्तुत की गई। जिस पर शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना देहरादून के लिस्ट्राबाद रानीपोखरी में ही की जाए। यहां इसका भूमि पूजन हो चुका है।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: दूसरे राज्यों के चुनाव में बूथ प्रबंधन कर रहे भाजपा नेता, बतौर स्टार प्रचारक सीएम धामी भी जाएंगे

2011 में बना राष्ट्रीय विधि विवि अधिनियम

उत्तराखंड में राष्ट्रीय विधि विवि अधिनियम 2011 में बना। 2018 में इसका संशोधन किया गया। वहीं, इसकी भूमि हस्तांतरण का मामला भी अभी लटका हुआ है। राजकीय रेशम फार्म रानीपोखरी में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की 10 एकड़ भूमि उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लिए चिन्हित की गई है, जो उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किया जाना है।

उत्तराखंड राज्य के साथ ही दो अन्य राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था। जहां वर्ष 2003 और वर्ष 2010 में राष्ट्रीय विधि विवि बन चुके हैं। -रविंद्र जुगरान, भाजपा नेता

विज्ञापन
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें