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Dehradun News: पेयजल लाइन का काम पूरा होने के बाद भी सड़कें ऊबड़-खाबड़

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ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल लाइन बिछाने के लिए सड़कें जिस रफ्तार से खोदी गईं, उसी रफ्तार से इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़कें ठीक नहीं हुईं तो बरसात में यह मुश्किलें खड़ी करेंगी।
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जल जीवन मिशन के तहत दून की 401 ग्राम पंचायतों के हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं। इसके लिए गांव की सीसी रोड से लेकर पीडब्ल्यूडी तक की सड़कों को खोदा जा रहा है। सुद्धोवाला में पेयजल लाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है लेकिन, खोदी गईं सीसी सड़कें अब तक ठीक नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लाइन डालने के लिए नई बनीं सड़कों तक को तोड़ा गया, लेकिन अब ठीक नहीं किया जा रहा है।



ग्रामीण क्षेत्रों में 40 पेयजल परियोजनाएं अधूरी
जिले की 425 परियोजनाओं में से 385 पूरी हो चुकी हैं। जबकि, 40 अभी अधूरी हैं। इसके अलावा करीब 280 योजनाओं का थर्ड पार्टी सत्यापन किया जा रहा है।

ऊबड़-खाबड़ रास्तों से चलना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। कई महीनों से ऐसा ही हाल है। - विनय शर्मा


नए रास्तों को तोड़कर लाइन डाली जा रही है। इससे जनता का पैसा बरबाद हो रहा है। ऐसा ही करना था तो पहले लाइन बिछाने का कार्य होना चाहिए था। - अनिता देवी


कई महीने से सड़कें टूटी हैं। पता नहीं अभी कब तक इंतजार करना होगा। सड़क के खराब होने से आने जाने में परेशानी हो रही है। -रोहित सेमवाल



रास्तों को लाइन बिछाने के साथ ही ठीक किया जाना चाहिए। ताकि, लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। -नितिन कश्यप



सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को पैसा दिया जाता है। जबकि, ग्राम पंचायत के रास्तों की मरम्मत पेयजल लाइन बिछाने वाले ठेकेदारों की होती है। इसके लिए उन्हें भुगतान किया जाता है। अभी सड़कों को मिट्टी डालकर छोड़ा जा रहा है, ताकि मिट्टी अच्छी तरह से बैठ जाए। बरसात से पहले सभी रास्तों की मरम्मत कर दी जाएगी। पेयजल लाइन से फिलहाल कनेक्शन दिये जा रहे हैं। - आशीष कठैत, जिला परियोजना प्रबंधक, जल जीवन मिशन
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