पानी के लिए पंपिंग के दौरान होने वाली ऊर्जा खपत और पानी की बर्बादी रोकने के लिए दून स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक्को मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत 10 सालों में 35 करोड़ रुपये की ऊर्जा बचत का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ओवरहेड टैंकों एवं अन्य स्टोरेज टैंकों में आधुनिक सेंसर फिट किए जा रहे हैं। जल वितरण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इन कदमों से प्रति दिन 1.75 मिलियन लीटर पानी की बचत अनुमान है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जल संस्थान द्वारा संचालित 206 नलकूप एवं 06 पंपिंग स्टेशन को पूर्ण रूप से स्वचालित करने और लगभग 70 उच्च जलाशयों से स्वचालित जलापूर्ति की योजना पर कार्य किया जा रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में नलकूपों पर डैफ्थ सेंसर, फ्लो मीटर तथा एनर्जी मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। दूसरे चरण में एनर्जी एफिशिएंट पंप व मोटर लगाए जाएंगे। वाटर सप्लाई स्काडा प्रणाली के कार्यों से एनर्जी सेविंग कार्य उत्तराखंड में पहली बार किया जा रहा हैं।