सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में एनएच से धार्मिक ढांचे हटाए जा रहे हैं। बताया कि सलोनधार स्थित सिद्धपीठ कालभैरव मंदिर, दीबा मंदिर सहित कुल सात मंदिर टूटने हैं। इसके तहत जिवई स्थित राम मंदिर को ध्वस्त किया गया है।
सुकुई स्थित रामेश्वर मंदिर को तोड़ने गई प्रशासन की टीम को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इसे हिंदू धर्म के लोगों की आस्था पर कुठाराघात बताया।
ग्रामीण हर हाल में मंदिर नहीं तोड़ने देने की बात पर अड़े रहे। उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन जब तक दूसरा मंदिर बनाकर नहीं दे देता, वे मंदिरों को नहीं तोड़ने देंगे। लोग मंदिर के आगे जमे रहे।
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। विरोध करने वालों में सुकई की प्रधान धनेश्वरी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्षा लीला देवी, उप प्रधान बिमला देवी, चंपा देवी, मंजू देवी, अमरीश सिंह, बालकृष्ण, सुनील सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।