फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: वनभूमि अतिक्रमण के मामलों की अब एआई आधारित होगी निगरानी

विज्ञापन
विज्ञापन
- पिछले दो साल में 1,560.31 हेक्टेयर वन भूमि को किया अतिक्रमण मुक्त
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। वन भूमि से अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा, वनभूमि अतिक्रमण के मामलों की अब एआई आधारित निगरानी होगी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पिछले दो साल में 1,560.31 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है।
वन मुख्यालय में हुई बैठक में नोडल अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2018-19 के उत्तराखंड सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल अतिक्रमण वन क्षेत्रफल लगभग 11,396.64 हेक्टेयर दर्ज किया गया था। इसके सापेक्ष, जून 2024 से शुरु किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 31 मार्च 2026 तक लगभग 1,560.31 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वन अतिक्रमण से जुड़े न्यायालयी मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों में लंबित मामलों की ट्रैकिंग के लिए एआई आधारित ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसके माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों को यह पता चल सकेगा कि वन भूमि का कौन से प्रकरण किस न्यायालय में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सभी प्रभागीय वन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने वन प्रभागों में उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा कर किसी भी तरह की विसंगतियों को चिन्हित कर सुधार सुनिश्चित करें। वहीं, अतिक्रमण हटाने से संबंधित बेदखली मामलों का निपटारा करें। नोडल अधिकारी ने यह भी बताया कि अतिक्रमण हटाने से संबंधित मामलों की बेहतर निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फील्ड स्तर के अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि न्यायालयी प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके। बैठक में मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल धीरज पाण्डे, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ तेजस्विनी पाटिल व वन विभाग के वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें