Iप्रेमनगर बाजार में रेहड़ी-पटरी के बढ़ते अतिक्रमण के कारण रोड से लेकर गलियां तक जाम हैं, जिससे स्थानीय लोगों के सामने तमाम समस्याएं खड़ी हैं। एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती हैं। स्कूली बच्चों को अक्सर जाम में फंसने के कारण स्कूल आने-जाने में देरी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेहड़ी वालों के लिए पशु अस्पताल के पास जगह निर्धारित है, लेकिन वे पूरे बाजार में फैल गए हैं।
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Iराघव विहार निवासी सत्यनारायण नेगी ने बताया कि सड़कों पर रेहड़ी-पटरी और बेतरतीब तरीके से सवारी ढोने वाले वाहनों की पार्किंग के कारण जगह-जगह रोड पर कब्जा रहता है, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है। प्रेमनगर तिराहा से लेकर मोहनपुर पावर हाउस तक मुख्य सड़क के साथ आंतरिक गलियों में भी अतिक्रमण के चलते दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। छावनी परिषद इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाती, जबकि इस बारे में अधिकारियों को पहले भी कई बार सूचित किया जा चुका है।
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Iशक्ति कॉलोनी स्मिथनगर निवासी एसके गौड़ ने बताया कि रेहड़ी-पटरी के अतिक्रमण के कारण कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस चुकी हैं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है। स्कूली बच्चे भी जाम के कारण परेशान हैं। उन्हें स्कूल पहुंचने और घर लौटने में अक्सर देर हो जाती है।
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Iप्रेमनगर निवासी महेश शर्मा ने रेहड़ी-पटरी वालों का पुलिस सत्यापन न होने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर रेहड़ी वालों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जिससे क्षेत्रवासी असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी कई लूटपाट की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लोगों में डर है।I