आने वाली पीढ़ी को आरक्षण का दंश न झेलना पड़े। इसके लिए सबको मिल कर आगे आना होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि एकजुटता और संघर्ष के कारण ही प्रदेश सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। यह एक बड़ी जीत है।
अब सरकार से अध्यादेश लाकर पदोन्नति में आरक्षण को जड़ से खत्म करने की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदेश में उत्तर प्रदेश के समय का आरक्षण अधिनियम 1994 को अंगीकृत किया गया है। यूपी ने अध्यादेश लाकर पदोन्नति में आरक्षण को समाप्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एस्ट्रोसिटी एक्ट में शिकायत की जांच के बाद गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। लेकिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ एक्ट में संशोधन किया।
इस मौके पर समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव वीपी नौटिया, यूपी के अध्यक्ष त्रिभुवन, महासचिव एचएन पांडेय, दिल्ली से एके सिन्हा, भारतीय राष्ट्रवादी समानता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौथमल भगेरिया,मंच के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल बिंजोला, एसोसिएशन के महासचिव वीरेंद्र गुसाईं, शैलेंद्र दुबे, पटियाला से सतीश शर्मा, विधि सलाहकार जयपाल सिंह फुगाड़ समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी पदोन्नति में आरक्षण का विरोध किया।