-राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शनिवार को परिषद के आंदोलन के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन हुआ। परिषद 18 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है।
धरने में शासन-प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र यथोचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
पौड़ी में आयोजित धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम विकास अधिकारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष हर्ष डी जोशी ने सरकार को चेताया कि जब कर्मचारियों को 10, 16 एवं 26 वर्ष पूर्ण होने पर प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। मंत्री एवं विधायकों के वेतन एवं भत्तों में वृद्धि की जा रही है, जो कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय है।
टिहरी में परिषद के जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने कहा कि जब तक गोल्डन कार्ड में व्याप्त विसंगतियों का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों को इसका यथोचित लाभ नहीं मिल पाएगा। अल्मोड़ा के कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाध्यक्ष उमापति पांडे ने कहा कि जब अन्य राज्य सरकारें पुरानी पेंशन योजना की ओर बढ़ रही हैं तो उत्तराखंड सरकार इसे लागू करने में अनावश्यक रूप से क्यों हिचकिचा रही है। उत्तरकाशी के लदाड़ी स्थित विकास भवन में आयोजित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रकाश पंवार ने कहा कि सरकार वेतन विसंगतियों के लिए समितियों का गठन तो करती है लेकिन उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती, जिससे आम जनता के धन का दुरुपयोग हो रहा है।
पिथौरागढ़ के विकास भवन में जिलाध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से वाहन भत्ता मात्र 1200 रुपये ही है। जबकि वाहन भत्ता वृद्धि का प्रस्ताव लंबे समय से वित्त सचिव स्तर पर लंबित है। इसी प्रकार चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल सहित अन्य जनपदों में आयोजित धरना कार्यक्रमों में विभिन्न घटक संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 21 फरवरी 2026 को देहरादून में आयोजित होने वाले एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
देहरादून के गांधी रोड स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता कर विभाग के स्थानीय शाखा अध्यक्ष महिमा कुकरेती ने की एवं धरने के दौरान उपस्थित उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी को ज्ञापन सौंपते हुए परिषद के महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि यदि शासन समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाता है तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने कहा कि सभी घटक संगठनों को परिषदीय रूपरेखा के अंतर्गत रहकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाना चाहिए। दून व पौड़ी की नई कार्यकारिणी भी चुनी गई।