-पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पेयजल निगम की अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने शुक्रवार को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान देहरादून में पेयजल निगम मुख्यालय में बड़ी संख्या में कार्मिक धरने पर बैठे।
धरने की अध्यक्षता एलडी भट्ट ने की और संचालन महासचिव विजय खाली ने किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह देव ने निगम को राजकीय विभाग घोषित करने की मुख्य मांग उठाई। सेंटेज व्यवस्था समाप्त कर कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्रावधान करने, इसे सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखने, प्रत्येक माह की एक तारीख को नियमित वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित कराने, होली के त्योहार को देखते हुए अविलंब दो माह का वेतन जारी करने की मांग की गई।
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ई-ऑफिस ट्रेनिंग के चलते हुई प्रबंधन से नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रबंधन ने शुक्रवार को ही ऑनलाइन ई-ऑफिस की ट्रेनिंग रख दी। कार्मिकों ने इसे आंदोलन में अवरोध पैदा करने की कोशिश बताया और भारी विरोध किया। जिसके बाद प्रबंधन को बैठक निरस्त करनी पड़ी। समन्वय समिति ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी को ही नोटिस देने के बावजूद प्रबंधन ने नोटिस प्राप्त न होने की बात कहकर कार्मिकों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
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अब होगा क्रमिक धरना
समन्वय समिति ने घोषणा की है कि आंदोलन अब और तेज होगा। शनिवार को मुख्यालय में जनपदवार क्रमिक धरना शुरू होगा, जिसमें हरिद्वार जनपद के कार्मिक प्रतिभाग करेंगे। यांत्रिक शाखा एवं यांत्रिक मंडल, देहरादून के कार्मिक भी इस धरने में स्थानीय इकाई के रूप में सहयोग देंगे। प्रदेश के सभी हिस्सों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के निस्तारण की अपील की गई है। धरना प्रदर्शन में लक्ष्मीनारायण भट्ट, आनंद राजपूत, भुवन चंद्र जोशी सहित काफी कर्मचारी मौजूद रहे।