फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में कर्मचारियों ने चलाई शासनादेश की प्रतियां

विज्ञापन
प्रमोशन में आरक्षण हटाने की मांग पर डाकपत्थर टोंस भवन में शासनादेश की प्रतियां जलाते कर्मचारी। - फोटो : VIKAS NAGAR
विज्ञापन
विकासनगर। पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डाकपत्थर में उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले नो वर्क नो पे के शासनादेश की प्रतियां जलाईं। र्कोचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष अरविंद धीमान ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को अनुपालन करते हुए तत्काल पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को समापन करना चाहिए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मस्तराम उनियाल ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते आज एसोसिएशन के बैनर तले करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन को बाध्य हैं।
स्टेनोग्राफर एवं वैयक्तिक सहायक संघ के जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह ने कहा कि सरकार को ज्येष्ठता के आधार पर पदोन्नति देनी चाहिए ना कि जाति को आधार मान कर। मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के सचिव सौरभ पांडेय ने कहा कि सरकार को पदोन्नति में आरक्षण समाप्त कर भर्ती की रोस्टर प्रक्रिया में प्रथम पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रखना चाहिए। कर्मचारी नेता रिशान अली ने कहा कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुतला फुंकने वालों में डीके जोशी, मोहित चौहान, गौरव दिक्षित, आशीष सिंह, महेश प्रसाद उनियाल, गबर सिंह, अनुराधा गौड़, उर्मिला, अंजुम निशा, इंदु रावत, पुष्पेंद्र सैनी, राहुल सिंघल, विपिन सैनी, मनीष नौटियाल, अभिषेक व्यास, मानेंद्र सिंह चौहान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें