माय सिटी रिपोर्टर देहरादून राजाजी टाइगर रिजर्व में वन गुर्जरों के अवैध कब्जों को हटाने हटाने को लेकर यूनियन पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। राजाजी टाइगर रिजर्व सहायक वन कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी की बैठक में मांग उठाई गई कि सहायक वन संरक्षक की अगुवाई में उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर ना सिर्फ टाईगर रिजर्व में कब्जों को चिन्हित किया जाए,वरन टाइगर रिजर्व की जमीन पर काबिज वन गुर्जरों को बेदखल भी किया जाए। बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों को टाइगर भत्ता जल्द दिए जाने पर जोर दिया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले दिनों रामगढ़ रेंज में आला अधिकारियों के आदेश पर कब्जों को हटाया गया था। लेकिन इस कार्रवाई को लेकर अब वन गुर्जर कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकियां दे रहे हैं। जिससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि उच्च अधिकारियों की अगुवाई में विभागीय टीम गठित कर ना सिर्फ कब्जों को चिन्हित किया जाए, वरन टाइगर रिजर्व की जमीनों पर काबिज वन गुर्जरों को बेदखल भी किया जाए। बैठक में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने राजाजी टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों को टाइगर भत्ता दिए जाने की भी मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आश्वासन दिया गया था कि 15 दिनों के भीतर कर्मचारियों को टाइगर भत्ता जारी कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक भत्ता नहीं जारी किया गया है। इतना ही नहीं बैठक के दौरान एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कई अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं को लेकर के आला अधिकारियों को अवगत कराया जाता है तो अधिकारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते, जो स्वस्थ परंपरा नहीं है। बैठक के उपरांत राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक अमित वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में सहायक बन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंद्रमोहन कोठारी, उपाध्यक्ष रमेश कोठियाल सहायक वन कर्मचारी संघ राजाजी टाइगर रिजर्व के अध्यक्ष एसपी ज़ख्मोला, वन बीट अधिकारी संघ के अध्यक्ष काका और सचिव फरमान अली समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।