प्रेस क्लब सभागार में लेखक मितेश्वर आंनद द्वारा लिखित कहानी संग्रह हैंडल-पैंडल पर परिचर्चा एवं ?
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साहित्य को समाज के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए इसे आज के दौर में नई तकनीक और सोशल मीडिया से जोड़ने की जरूरत है। यह बात गढ़ रत्न सुप्रसिद्ध लोक गायक व साहित्यकार नरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में मितेश्वर आनंद के कहानी संग्रह हैंडल पैंडल पुस्तक पर परिचर्चा कार्यक्रम में कहीं।
शनिवार को आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक मितेश्वर आनंद ने कहा कि मेरी किताब जीवन में घटित अनुभूति को शब्दों में संजोने की कोशिश है। पर्यावरणविद पद्मश्री कल्याण सिंह रावत मैती ने कहा कि हैंडल पैंडल ऐसी किताब है, जिसमें प्रस्तुत कहानियां हर पाठक के जीवन से जुड़ी हुई हैं और लेखक अपने जीवन में घटित घटनाओं को सामाजिक संदेशों से जोड़ने में सफल रहे हैं। ने कहा कि साहित्य समाज के लिए आवश्यक है। पाणी राखो आंदोलन के प्रणेता मशहूर पर्यवारणविद सच्चिदानंद भारती ने कहा कि जीवन के अनुभवों को कलमबंद करना बहुत जरूरी है। पुस्तक पीछे छूट गए प्रसंगों और अपने परिवेश की बानगी पेश करती है। इस मौके पर प्रो. अधीर कुमार, प्रबोध उनियाल, गंभीर सिंह पालनी, साहित्यकार व पुलिस अधिकारी अमित श्रीवास्तव, प्रो. अधीर कुमार, अरुण शर्मा, ओमकाश राणा, गणेश रावत, राकेश जुगरान, जयदीप रावत, राजेश सकलानी, हरेंद्र रावत, गजेंद्र रमोला आदि मौजूद रहे।