हरदा बोले, मन इस बात को लेकर दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए
हरीश रावत को लगातार उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। इन आलोचनाओं से आहत हरदा सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लालकुआं से चुनाव लड़ने को अपनी भूल बताते हुए पहले से वहां तैयारी कर रहे तमाम प्रत्याशियों और क्षेत्र की जनता से माफी मांगी है।
वह उनके साथ भी खड़े हो गए, लेकिन उनकी और से मुझे स्वीकार करना पहले दिन से ही कठिन लग रहा था। जबकि उनका मन इस बात को लेकर के बहुत दुखी था कि वह एक बेटी के टिकट काटने का माध्यम बन गए। उन्होंने इसके लिए लालकुआं के लोगों से क्षमा मांगी है। कहा कि वह होली के बाद लालकुआं जाकर लोगों का धन्यवाद करेंगे।
अपनी हार से ज्यादा गणेश की हार से दुखी हैं हरीश
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी हार से ज्यादा गणेश गोदियाल की हार से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर जाकर लोगों से पूछेंगे, आखिर गणेश गोदियाल से बेहतर भावनात्मक रूप से पूर्णत: समर्पित उनको और कौन सा प्रतिनिधि मिल सकता है?
जो व्यक्ति मुंबई में कमाए और राठ के गांव में आकर उस पैसे से महाविद्यालय खड़ा करे, ताकि क्षेत्र का शैक्षिक विकास हो सके, तो हम ऐसे लोगों के भावना की कद्र न कर यदि कुछ और सतही सवालों पर उलझकर गणेश गोदियाल जैसे लोगों को ठुकरा देंगे, तो यह कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल कल के उत्तराखंड के नायक हैं, ऐसे लोगों को जीतना ही चाहिए था।