इन दिनों कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के जंगल में हाथियाें का एक बड़ा दल अपना डेरा जमाए हुए हैं। जंगल के बीच से होकर गुजरने वाले दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करने के लिए हाथी मार्ग के किनारे पर जमा हो जाते हैं। लेकिन वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बेखबर रहते हैं। इससे राहगीर खतरा महसूस करते हैं।तिमली रेंज के संरक्षित वन क्षेत्र का इलाका धर्मावाला चौक से लेकर उत्तर प्रदेश के दर्रारीट बाॅर्डर तक है। लगभग पांच किमी के इस क्षेत्र में स्थित हाथी लाइन व मजार के आसपास से हाथियों की आवाजाही पूर्व के वर्षों से ही होती चली आई है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करने के लिए खड़े हाथियाें को अक्सर देखा जा रहा है। इस दौरान हाथी बाइक सवारों व अन्य लोगों पर आक्रमक होते भी दिखाई देते हैं। पछवादून विकास मंच के संयोजक अतुल शर्मा, ह्यूमन राइट एंड आरटीआई एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा का कहना है कि हाथियों की दृष्टि से संवेदनशील इस पूरे क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त या मौजूदगी नहीं रहती है। तीन दिन पहले हाथियों के सड़क पर आकर जमा हो जाने के संबंध में जब वन विभाग को सूचना दी गई तो उन्हें जानकारी ही नहीं थी कि हाथी पिछले आधा घंटे से सड़क किनारे पर जमे हुए हैं और क्षेत्र में जाम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्र में नियमित गश्त कराने की मांग की है।