शिक्षा विभाग की लापरवाही आने वाले मानसून सीजन में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, साहिया पाटन में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं पर भारी गुजर सकती है। तीन साल पहले प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुई विद्यालय की चहारदीवारी व खेल के मैदान को अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त दीवार व मैदान छात्र-छात्राओं को खतरे में डाल सकते हैं। वर्ष 2022 की बरसात में साहिया बाजार के बीच से बहने वाली अमलावा नदी उफान पर आ गई थी। जिससे, साहिया समाल्टा मोटर मार्ग को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मोटर मार्ग का 200 मीटर का हिस्सा धंस गया था। इसके अलावा इसी क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, साहिया पाटन की चहारदीवारी व खेल का मैदान भी क्षतिग्रस्त हो गया था। अभिभावक आपदा के बाद से ही विद्यालय की चहारदीवारी व मैदान को ठीक कराने की मांग करते चले आ रहे हैं। लेकिन, शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। अभिभावक रवि वर्मा, भीम दत्त वर्मा, सुरेंद्र सिंह चौहान, अर्जुन सिंह राठौर, डॉ. नीलम चौहान आदि का कहना है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण विद्यालय में अध्ययनरत 46 बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। शिक्षा विभाग को बरसात से पहले मैदान व चहारदीवारी को ठीक कराना चाहिए अन्यथा बरसात के मौसम में खतरा और भी अधिक बढ़ जाएगा।