फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथियों ने घेरा मकान, 12 घंटे कैद किए आठ लोग

Fri, 04 Sep 2015 03:42 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, कोटद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के कोटद्वार में ग्रास्टनगंज के खाम बंगला क्षेत्र में जंगल किनारे बने तहसील के आवास को बुधवार रात चिंघाड़ते हुए 11 हाथियों के एक झुंड ने 12 घंटे तक घेरे रखा।
विज्ञापन


चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आठ सदस्यों के परिवार ने कमरे के एक कोने में कांपते हुए रात गुजारी। इस दौरान हाथियों ने मकान के रसोईघर की दीवार तोड़ डाली और जिस कमरे में सभी लोग छिपे हुए थे उसकी खिड़कियों की जाली पर दांतों से प्रहार करते रहे।

यही नहीं मौके पर पहुंचे वनकर्मियों को भी एक बार हाथियों ने दौड़ा दिया। सुबह होने पर ही हाथियों को हवाई फायर कर खदेड़ा जा सका। ग्रास्टनगंज के खाम बंगला क्षेत्र में जंगल के किनारे तहसील का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आवास है जिसमें तहसील में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पूरण चंद्र चटर्जी अपनी पत्नी, दो बेटे, दो बहुओं और दो पोतों के साथ रहता है।
विज्ञापन


बुधवार रात के आठ बजे एकाएक कई हाथियों के चिंघाड़ने से पूरे परिवार में खौफ फैल गया। कमरे के बाहर से हाथियों के चलने और चिंघाड़ने की खौफनाक आवाजें आ रही थीं। परिजनों ने खिड़की से बाहर देखा तो करीब 11 विशालकाय हाथी उनके कमरे की तरफ आते दिखाई दिए।
विज्ञापन

खिड़की की जालियों पर दांत से किए प्रहार

बुरी तरह से खौफजदा पूरण चंद्र चटर्जी और उनके परिवार ने खिड़की-दरवाजे भीतर से बंद कर दिए और बत्ती भी बुझा दी। इस बीच हाथियों ने पूरे मकान को चारों ओर से घेर दिया और खिड़की की जालियों पर दांत से प्रहार शुरू कर दिए। कुछ हाथियों ने कमरे से सटी रसोई की दीवार तोड़ डाली।

हाथियों ने कमरे की दीवार पर भी चिंघाड़ते हुए हमले करने शुरू कर दिए। बुरी तरह से भयभीत पूरण चंद्र चटर्जी और उनके परिजनों ने एक कोने में दुबककर भगवान से रक्षा की प्रार्थना करनी शुरू कर दी। सुबह के तीन बजे सूचना मिलने पर लैंसडौन वन प्रभाग के वन कर्मी मौके पर पहुंचे और हाथियों को मकान से हटाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित हाथियों में से एक ने वन कर्मियों को दौड़ा दिया।

वन कर्मियों ने किसी प्रकार भागकर जान बचाई। सुबह सात बजे उजाला होने पर एक बार फिर वन कर्मी आए और उन्होंने हवाई फायर और पटाखे छोड़कर हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा। इस घटना के बाद वन कर्मी पूरण चटर्जी जल्द से जल्द ग्रास्टनगंज के पास अपने निर्माणाधीन मकान में जाना चाहता है।

उसने तब तक वन विभाग से उसके परिवार की सुरक्षा करने की गुहार लगाई है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि तहसील का क्वार्टर हाथी कारीडोर क्षेत्र में है। ऐसे में यहां हाथियों धमकना स्वाभाविक है। पहले भी तहसील कर्मी को खतरे की चेतावनी दी जा चुकी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें