उत्तराखंड के कोटद्वार में ग्रास्टनगंज के खाम बंगला क्षेत्र में जंगल किनारे बने तहसील के आवास को बुधवार रात चिंघाड़ते हुए 11 हाथियों के एक झुंड ने 12 घंटे तक घेरे रखा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आठ सदस्यों के परिवार ने कमरे के एक कोने में कांपते हुए रात गुजारी। इस दौरान हाथियों ने मकान के रसोईघर की दीवार तोड़ डाली और जिस कमरे में सभी लोग छिपे हुए थे उसकी खिड़कियों की जाली पर दांतों से प्रहार करते रहे।
यही नहीं मौके पर पहुंचे वनकर्मियों को भी एक बार हाथियों ने दौड़ा दिया। सुबह होने पर ही हाथियों को हवाई फायर कर खदेड़ा जा सका। ग्रास्टनगंज के खाम बंगला क्षेत्र में जंगल के किनारे तहसील का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आवास है जिसमें तहसील में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पूरण चंद्र चटर्जी अपनी पत्नी, दो बेटे, दो बहुओं और दो पोतों के साथ रहता है।
बुधवार रात के आठ बजे एकाएक कई हाथियों के चिंघाड़ने से पूरे परिवार में खौफ फैल गया। कमरे के बाहर से हाथियों के चलने और चिंघाड़ने की खौफनाक आवाजें आ रही थीं। परिजनों ने खिड़की से बाहर देखा तो करीब 11 विशालकाय हाथी उनके कमरे की तरफ आते दिखाई दिए।