लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज में वन सीमा से सटे सत्तीचौड़ गांव में रविवार की देर रात एक हाथी ने आबादी में घुसकर जमकर उत्पात मचाया।
हाथी के आबादी में धमकने से लोगों की सांस अटकी रही। हाथी ने एक घर का मेन गेट तोड़ते हुए बरसीम, चारापत्ती समेत पूरा खेत रौंद डाला। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। कई बार जंगल की ओर जाकर वह दोबारा खेतों की ओर लौटता रहा।
सत्तीचौड़ निवासी कैप्टन चंद्रशेखर दुतपुड़ी (से.नि) ने बताया कि रविवार की रात लोग खाना खाकर सो गए थे, करीब साढ़े ग्यारह बजे एक हाथी ग्वालगढ़ गदेरे होते हुए उनके खेतों में आ धमका। हाथी ने उनका मेन गेट भी तोड़ डाला। हाथी की धमक सुनते ही उनका परिवार भी जाग गया।
शोर मचाकर हाथी को जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। हाथी ने उनके खेतों में उगाई गई बरसीम, साग-सब्जी रौंद डाली। एक भीमल का पेड़, आम का पेड़ और बांस के पेड़ भी हाथी ने तोड़ डाले। कहा कि उनके घर से करीब बीस मीटर की दूरी पर वन विभाग की ग्वालगढ़ चौकी है, लेकिन कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीण रमेश चंद्र दुतपुड़ी, गणेश प्रसाद, पंकज, सुधीर प्रसाद, श्रीकांत प्रसाद और शोभा देवी ने बताया कि हाथी की आक्रामता देख लोगों में दहशत रही। इससे पूर्व 17 मार्च को भी हाथी उनके खेतों में उत्पात मचा चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि पूरी रात हाथी की दहशत रही, रातभर लोग सो नहीं सके। ग्रामीणों ने हाथी के आतंक को देखते हुए ग्वालगढ़ वन चौकी में पर्याप्त वन कर्मियों की तैनाती करने की मांग की है। प्रभारी रेंज अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि क्षेत्र में स्टाफ तैनात किया जाएगा।