बाड़े के हाथियों से पर्यटकों की जंगल सफारी
राजाजी टाइगर रिजर्व हाथियों, तेंदुओं, टाइगर, भालू, बारहसिंघा समेत अन्य जंगली जानवरों का गढ़ है। पार्क प्रशासन का चीला में हाथी बाड़ा भी बना है। बाड़े में छह वयस्क हाथी हैं। हाथी महावतों की ओर से प्रशिक्षित हैं। वन विभाग इन्हीं से जंगलों के उबड़-खाबड़ कच्चे रास्तों में गश्त करता है। गश्त भी बरसात सीजन में होती है। बाकी महीनों में हाथी बाड़े में रहते हैं। बाड़े के हाथियों से पर्यटकों की जंगल सफारी हो सकती है। इससे ईको टूरिज्म और सरकार की आमदनी बढ़ सकती है।
कमेटी गठित
सरकार ने राजाजी पार्क निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में जिम कार्बेट पार्क के उप निदेशक, वन संरक्षक पश्चिम सर्किल कुमाऊं, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, वर्ल्ड वाइल्ड फंड, पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार और पशु चिकित्साधिकारी राजाजी पार्क को सदस्य नामित हैं। कमेटी सदस्य अलग-अलग पहलुओं पर हाथी से जंगल सफारी की संभावनाओं पर सरकार को रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट से ही भविष्य में उत्तराखंड में राजाजी और जिम कार्बेट में हाथियों से जंगल सफारी का रास्ता खुल सकता है।
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- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हाथी की सफारी मील का पत्थर साबित हो सकती है। इन्हीं संभावनाओं को तलाशने के लिए कमेटी बनी है। कमेटी सदस्य दिसंबर में सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे।
- डॉ. राकेश नौटियाल, पशु चिकित्साधिकारी राजाजी पार्क