हरिद्वार जिले के बुग्गावाला में बंजारेवाला गांव के जंगल में लकड़ी बीनने गए तीन ग्रामीणों को हाथी ने दौड़ा दिया। दहशत में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा पेड़ से जा टकराया। तीसरे की भी काफी देर तक बोलती बंद रही। हादसे से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे बंजारेवाला गांव के जंगल में बुधवार को दोपहर करीब एक बजे महेंद्र, ज्ञानचंद और इशमसिंह लकड़ी बीनने गए थे। वे जंगल में लकड़ियों को एकत्रित कर रहे थे। तभी हाथी की चिघाड़ सुनकर उनके हाथ पांव फूल गए। सामने जंगली हाथी देखकर तीनों बदहवास होकर भागने लगे।
हाथी ने भी तीनों को दौड़ा लिया। थोड़ी दूर पीछा करने के बाद हाथी तो जंगल में लौट गया, लेकिन दहशत में महेंद्र पुत्र किरपा की जान चली गई। बेहोशी की हालत में परिजन और ग्रामीण उसे निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं ज्ञानचंद भी भागते समय एक पेड़ से टकराकर जख्मी हो गया। सिर में चोट लगने से उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक अन्य ग्रामीण इशम सिंह पुत्र रमन सिंह हाथी के हमले से बाल-बाल बच गया। लेकिन भागकर जान बचाने वाले इशम सिंह की भी दहशत के मारे काफी देर तक बोलती बंद हो गई। उसकी आंखों में हाथी का खौफ साफ नजर आया। मालूम हो कि इससे पहले 15 फरवरी को भी जंगली हाथी ने बंजारेवाला क्षेत्र में ही एक ग्रामीण पर हमलाकर उसकी जान ले ली थी।
एक पखवाड़े के भीतर ही हाथी के हमले से मौत की दूसरी घटना से क्षेत्रवासियों में दहशत है। गुस्साए ग्रामीणों ने वनविभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार के लिए मुआवजे की मांग उठाई। इस संबंध में बुग्गावाला थाना प्रभारी एनके बचकोटी का कहना है कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी, जहां लोगों से पूछताछ भी की गई। हालांकि मृत ग्रामीण के परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया है।