उत्तराखंड के खटीमा में पश्चिमी किलपुरा रेंज में आबादी क्षेत्र में घुसने के दौरान सुरक्षा दीवार में फंसकर करीब सात से आठ बरस के नर हाथी ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। विभाग को हाथी के दांत समेत सभी अंग सुरक्षित मिले। सोमवार दोपहर बाद हाथी का पोस्टमार्टम कराया गया।
रविवार की रात किलपुरा रेंज से सटे नौगवांनाथ में आबादी के किनारे हाथियों का झुंड आया था। हाथियों को गांव में आने से रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई गई है। रात करीब दो से ढाई बजे झुंड में शामिल एक नर हाथी इस सुरक्षा दीवार रूपी खाई में फंस गया।
खाई में पानी भरा था जिससे हाथी की सूंड और मुंह पानी में डूब गया। रेंजर केसी कफल्टिया ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे गांव से सटी टूटी सुरक्षा दीवार की खाई में मृत हाथी नजर आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी।
हाथी के सभी अंग सुरक्षित हैं। बीते कुछ दिनों से इस रेंज में एक हाथियों का झुंड विचरण कर रहा था। हाथी का बच्चा भी उसी झुंड का हिस्सा था। सोमवार दोपहर बाद नानकमत्ता के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमित और झनकट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुंवर सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया।