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राहत: उत्तराखंड में नहीं घटेंगी सोलर प्रोजेक्ट से पैदा हुई बिजली की दरें, नियामक आयोग का आदेश जारी

Fri, 05 Jun 2026 05:00 AM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

घर की छतों पर लगने वाले रूफटॉप सोलर और छोटे ग्रिड इंटरएक्टिव सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत दो रुपये प्रति यूनिट की दर फाइनल की है ताकि उपभोक्ता बिजली का बिल कम कर आत्मनिर्भर बन सकें।
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सोलर पावर प्लांट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में बड़े, छोटे, घर की छतों पर लगे सोलर प्लांट की बिजली की दरों में कोई गिरावट या बढ़ोतरी नहीं होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सोलर प्रोजेक्ट, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के लिए टैरिफ आदेश जारी कर दिया है।

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आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने बाजार के उतार-चढ़ाव और हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है। आयोग ने जो ड्राफ्ट जारी किया था, उसमें सोलर पीवी प्लांट के लिए टैरिफ घटाकर 3.96 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव रखा था। उरेडा और अन्य हितधारकों के पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों, भूमि अधिग्रहण की ऊंची लागत और सोलर मॉड्यूल की कीमतों में अस्थिरता का हवाला देने के बाद आयोग ने अपना फैसला बदला। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी पिछले साल की दर यानी 4.10 रुपये प्रति यूनिट का लाभ मिलता रहेगा।

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घर की छत वालों की बिजली अब दो रुपये की
घर की छतों पर लगने वाले रूफटॉप सोलर और छोटे ग्रिड इंटरएक्टिव सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत दो रुपये प्रति यूनिट की दर फाइनल की है ताकि उपभोक्ता बिजली का बिल कम कर आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं, आयोग ने स्पष्ट किया कि एमएसएमई नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी को सोलर टैरिफ से घटाया नहीं जाएगा। यह लाभ सीधे तौर पर प्रोजेक्ट लगाने वाले युवाओं और उद्यमियों को ही मिलेगा।

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समतल जमीन पर बन रहे प्रोजेक्ट
आयोग ने साफ किया कि कैनाल बैंक सोलर प्रोजेक्ट्स असल में नहर की ढलान पर न बनकर पास की समतल जमीन पर ही बन रहे हैं, इसलिए इनकी दरें सामान्य सोलर प्लांट के बराबर 4.10 रुपये प्रति यूनिट रखी गई हैं। वहीं, सोलर थर्मल तकनीक काफी महंगी होने के कारण आयोग वर्ष 2027-28 से इसका टैरिफ तय नहीं करेगा।

बैटरी स्टोरेज के लिए समय-सीमा तय
राज्य में ग्रिड को मजबूत करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए 2,59,244 रुपये प्रति मेगावाट प्रति माह का कैपेसिटी चार्ज तय किया गया है। आयोग ने यूपीसीएल और यूजेवीएन लिमिटेड की लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पांच माह बीतने के बाद भी टेंडर फाइनल नहीं हो सके। आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि यह दरें केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स पर लागू होंगी, जो इस आदेश के 18 महीनों के भीतर चालू हो जाएंगे।

दरों पर एक नजर(रुपये प्रति यूनिट)
परियोजना-                             2025-26 की दर-     2026-27 की दर
सोलर पीवी (जमीन आधारित)-         4.10                    4.10
रूफटॉप, छोटे प्लांट-                 उपलब्ध नहीं-              2
कैनाल टॉप (नहर के ऊपर)-            4.48-                    4.20
कैनाल बैंक (नहर के किनारे)-          4.31                      4.10
सोलर थर्मल-                                11.90                    11.82
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