विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध होने वाली बिजली पर भी चर्चा
अब सोमवार को बैठक हुई, जिसमें यूपीसीएल के डायरेक्टर प्रोजेक्ट अजय अग्रवाल भी शामिल हुए। अग्रवाल ने बताया कि बैठक में आगामी सात साल में ऊर्जा की जरूरतों के अलावा विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध होने वाली बिजली पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार तय कर रही है कि जिस माह में राज्य को बिजली की अधिक जरूरत होगी, उसी हिसाब से उपलब्धता की कोशिश की जाएगी।
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दो दिन की बारिश से मिली राहत
दो दिन की बारिश से प्रदेश में बिजली की मांग गिर गई है। चार करोड़ 30 लाख से अधिक की बिजली मांग गिरकर तीन करोड़ 70 लाख यूनिट तक आ गई है। फिलहाल यूपीसीएल को बाजार से बिजली नहीं खरीदनी पड़ रही है। न ही कहीं कटौती की जा रही है।