फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: दो दिन मौसम का रुख रहा नरम तो बिजली की मांग में आई कमी, निगम का दावा-कहीं भी कटौती नहीं

Sat, 24 May 2025 11:09 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

जुलाई में 20 पैसे प्रति यूनिट महंगा बिल आएगा। यूपीसीएल ने अक्तूबर-दिसंबर की बिजली खरीद के हिसाब पर आयोग से अनुमति मांगी थी।
विज्ञापन
electric bill - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में दो दिन मौसम का नरम रुख रहने के चलते बिजली की मांग में करीब 50 से 80 लाख यूनिट की कमी आई है। अब बिजली की मांग 4.9 करोड़ यूनिट है, जिसके सापेक्ष आपूर्ति भी पूरी की जा रही है। केंद्रीय पूल से राज्य को 2.2 करोड़ और राज्य से 2.1 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है। बाकी की पूर्ति के लिए यूपीसीएल रोजाना करीब तीन करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीद रहा है।

विज्ञापन


निगम का दावा है कि फिलहाल कहीं भी कटौती नहीं की जा रही है। जुलाई का बिजली बिल करीब 20 पैसे प्रति यूनिट महंगा आएगा। तीन माह में बिजली खरीद, एफपीपीसीए के तहत हुई रिकवरी या छूट के हिसाब से यूपीसीएल ने इस अवधि के हिसाब-किसाब से 22.73 करोड़ रुपये की रिकवरी की अनुमति मांगी थी, जिस पर आयोग ने मुहर लगा दी। जून के बिजली बिल में यह रकम जोड़कर जुलाई में वसूली जाएगी।

यूपीसीएल ने आयोग से वसूली की अनुमति मांगी

यूपीसीएल अब हर महीने जितनी बिजली खरीदता है, उसके दामों पर फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत अगले महीने रिकवरी या छूट दी जाती है। अगर निर्धारित दामों से अधिक पर खरीद हुई तो उपभोक्ताओं से रिकवरी होगी और कम दरों पर खरीदी तो उन्हें छूट दी जाती है। इस खरीद-फरोख्त, रिकवरी-छूट की माहवार और तिमाही रिपोर्ट नियामक आयोग के समक्ष पेश की जाती है।

विज्ञापन

यूपीसीएल ने नियामक आयोग में याचिका दायर कर बताया था कि पिछले साल अक्तूबर से दिसंबर के बीच उपभोक्ताओं से एफपीपीसीए के तहत 35 करोड़ की रिकवरी की गई जबकि इस तिमाही में कुल बिजली खरीद की लागत 57.73 करोड़ थी। इस हिसाब में कुल 22.73 करोड़ का अंतर था। यूपीसीएल ने आयोग से इसकी वसूली की अनुमति मांगी थी।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं में गड़बड़ी, विस्तृत जांच के आदेश
विज्ञापन

 

बढ़ोतरी केवल एक माह के लिए ही लागू होगी
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने जून माह के बिल में इस राशि की वसूली की सशर्त अनुमति दी है। जुलाई में उपभोक्ताओं से यह रकम वसूली जाएगी। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि यूपीसीएल का माहवार ऑडिट आंकड़ा अभी उपलब्ध न होने के चलते इस वसूली का हिसाब अलग से रखा जाए। इस वसूली से बिजली बिलों पर औसत 22 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी। हालांकि यह बढ़ोतरी केवल एक माह के लिए ही लागू होगी।
 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें