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Uttarakhand: अगले बिजली बिल में उपभोक्ताओं को मिलेगी छूट, यूपीसीएल ने दिसंबर में वसूल लिए ज्यादा पैसे

Tue, 19 May 2026 07:26 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

अगले बिल में उपभोक्ताओं को छूट  मिलेगी। यूपीसीएल ने दिसंबर में उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसे वसूल लिए थे। नियामक आयोग ने यूपीसीएल की याचिका पर अहम फैसला सुनाया। एफपीपीसीए के तहत दिसंबर में 1.39 करोड़ रुपये अधिक वसूले थे।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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यूपीसीएल ने दिसंबर में उपभोक्ताओं से 1.39 करोड़ रुपये अधिक वसूल लिए। अब जून के बिजली बिलों में वह रकम लौटानी होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल की याचिका पर फैसला सुनाते हुए बिजली खरीद और खर्चों का हिसाब न देने पर नाराजगी भी जताई है।

उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने आयोग के समक्ष एक याचिका दायर कर अक्तूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही के लिए ईंधन और बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) को मंजूरी देने की मांग की थी। यूपीसीएल के आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी को अतिरिक्त बिजली खरीद के लिए 59.17 करोड़ खर्च करने पड़े थे। इसके विपरीत, यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से बिलों के माध्यम से 60.56 करोड़ यानी 1.39 करोड़ अधिक वसूल कर लिए। यूपीसीएल ने आयोग से अनुरोध किया था कि इस अतिरिक्त राशि को अगली तिमाही के खर्चों में आगे ले जाने की अनुमति दी जाए।

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अतिरिक्त 1.39 करोड़ की राशि को अंतरिम राहत के रूप में समायोजित

नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यूपीसीएल की गणना को अंतरिम मंजूरी दे दी है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि वर्तमान में संबंधित महीनों के ऑडिटेड कॉमर्शियल स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं हैं इसलिए इस अतिरिक्त 1.39 करोड़ की राशि को अंतरिम राहत के रूप में समायोजित किया जाएगा। इसे मई की बिजली खपत के एवज में जून में जारी होने वाले बिलों में समायोजित किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलेगी। आयोग ने यूपीसीएल को ये भी निर्देश दिया है कि वह उपभोक्ताओं की श्रेणीवार वसूली का अलग और स्पष्ट रिकॉर्ड बनाए रखे।

आयोग ने बिजली खरीद के करोड़ों रुपयों के अंतर का हिसाब न देने पर यूपीसीएल के ढुलमुल रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। आयोग ने यूपीसीएल को दोबारा सख्त निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 तक की अपनी सभी बकाया बिजली खरीद देनदारियों का सही विश्लेषण तैयार करें। आगामी तिमाही की एफपीपीसीए याचिका के साथ अनिवार्य रूप से जमा करें।

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28 तारीख तक एफपीपीसीए की जानकारी देना अनिवार्य

आयोग के सामने उद्योग प्रतिनिधियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि यूपीसीएल की ओर से महीने के बीच में अचानक एफपीपीसीए लगाने से उनका बजट बिगड़ जाता है। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने कड़े निर्देश दिए हैं कि यूपीसीएल हर महीने की 28 तारीख तक आगामी महीने में लगाए जाने वाले एफपीपीसीए शुल्क की पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करे ताकि उपभोक्ता अपने खर्च का पहले से बजट बना सकें।

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राहत के आंकड़े

दिसंबर तिमाही में अतिरिक्त बिजली खरीद खर्च : 59.17 करोड़ रुपये

उपभोक्ताओं से वसूला गया कुल एफपीपीसीए : 60.56 करोड़ रुपये

उपभोक्ताओं को वापस मिलने वाली कुल राशि : 1.39 करोड़ रुपये

कब मिलेगी राहत : जून 2026 के बिजली बिलों में

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