2025 तक सभी घरों पर स्मार्ट मीटर
प्रदेश में करीब 26 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 15 लाख 84 हजार 205 घरों में ये मीटर लगाए जाने हैं। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, स्मार्ट मीटर एक तरह के प्रीपेड मीटर की तरह काम करेंगे जो बिजली रिचार्ज खत्म होने पर एसएमएस भेजकर जानकारी देगा।
बिजली की खपत व बचत पता चलेगी
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि इससे बिजली की खपत की जानकारी घंटावार, दिन वार, वर्षवार आसानी से मिल सकेगी। उपभोक्ताओं की बिजली अगर ज्यादा फुंकेगी तो इसकी जानकारी भी मिल जाएगी। बिजली आपूर्ति व मांग का आंकड़ा भी आसानी से मिलेगा। बिजली चोरी पर भी काफी हद तक लगाम लग जाएगी। बिलिंग की दिक्कतें दूर होंगी और विवाद भी खत्म होंगे। लोगों को बिजली बचाने के प्रति प्रेरणा भी मिलेगी। 10 लाख की आबादी ऐसी है, जिन तक इंटरनेट कनेक्टिविटी आसान नहीं है। लिहाजा, वहां बिना इंटरनेट वाले प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
ये भी पढ़ें...लव जिहाद पर महापंचायत: रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से SC का इनकार, सीएम धामी ने कही ये बात
उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा मीटर का खर्च
प्रति मीटर औसत छह हजार रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से 22.5 प्रतिशत पैसा केंद्र से ग्रांट के तौर पर मिलेगा। बाकी पैसा मीटर लगाने वाली कंपनी को यूपीसीएल की ओर से प्रति मीटर प्रतिमाह के हिसाब से 10 साल तक दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को इस मीटर के लिए अलग से कोई खर्च नहीं देना होगा।