दून-हरिद्वार रेलवे लाइन पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद ईंधन ट्रेन से वन संपदा और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी रोका जा सकेगा। इसके लिए रेलवे लाइन विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। सब ठीक रहा तो अगस्त में इलेक्ट्रिक ट्रेन दून पहुंच जाएगी।
देहरादून स्टेशन से रोजाना औसतन 26 ट्रेनों का आवागमन होता है। अभी यहां से ईंधन से ही ट्रेनों का संचालन होता है। इस ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। हरिद्वार की तरफ से हर्रावाला स्टेशन और देहरादून की ओर से विद्युतीकरण का काम फर्स्ट सिग्नल के आगे तक पहुंच चुका है।
हरिद्वार-देहरादून के बीच रेलवे ट्रैक का ज्यादातर हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में होने की वजह से वन विभाग से अनापत्ति मिलने में देरी हो रही थी। इस रूट पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने में यह भी एक बड़ी वजह रही है। अब रेलवे ने राज्य सरकार, वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय के स्तर से भी जरूरी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली हैं।
ज्यादातर वन्य क्षेत्र वाले इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन से जहां पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और ईंधन से कम लागत आएगी, वहीं हरिद्वार या उसके बाद के स्टेशन पर ईंधन इंजन बदलने का झंझट भी नहीं होगा। हालांकि वन्य जीव जंतुओं की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल ट्रेनों की अधिक स्पीड पहले की तरह ही रहेगी।
स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद रेल मंडल की ओर से दून-हरिद्वार रूट पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है। संभवत: अगस्त महीने में ही इलेक्ट्रिक ट्रेन दून पहुंच जाएगी।