चुनावी बेला में नेता ही नहीं, नकुल भी अति व्यस्त रहेगा। नकुल हरिद्वार पुलिस के खोजी कुत्ते का नाम है। नकुल को हरिद्वार के अलावा टिहरी, पौड़ी में वीवीआईपी और वीआईपी की जनसभाओं में ड्यूटी निभानी है।
नकुल की खासियत
जरा नकुल की खासियत भी जानते चलें। काले रंग के लेब्रोडॉर नस्ल के इस कुत्ते की उम्र छह साल है। इसे बारुद की गंध सूंघने में खास महारत हासिल है। मध्यप्रदेश के टीकमपुर में बीएसएफ कैंप में नकुल प्रशिक्षित हुआ था।
2010 के महाकुंभ से नकुल यहां का ही होकर रह गया। ट्रेनर बचन सिंह नेगी बताते हैं कि, पौड़ी व टिहरी जिलों में वीवीआईपी व वीआईपी मूवमेंट की जिम्मेदारी नकुल पर ही है।
रोजाना हरकी पैड़ी, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर दो शिफ्ट में आठ घंटे की ड्यूटी नकुल करता है। चुनाव को देखते हुए भी नकुल को अधिक एक्सरसाइज कराई जा रही है।
नकुल के शाही ठाठ-बाट
नकुल के शाही ठाठ-बाट हैं। इसे दो कमरों का सरकारी आवास मिला है। आने-जाने को एक वाहन, ट्रेनर और एक फॉलोवर है जो उसके खानपान का ध्यान रखता है। नकुल की खुराक पर हर माह 3566 रुपये खर्च होते हैं।
सुबह नाश्ते में दो अंडे, एक किलो दूध और पकी सब्जी दी जाती है। डिनर में 340 ग्राम मटन के साथ रोटी या चावल खाता है।