चुनावी ड्यूटी में न जाना पड़े, इसके लिए सरकारी कर्मचारी अब जुगत में लगे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के पास अब तक तीन ऐसे आवेदन पहुंचे हैं।
फिटनेस देने से कतरा रहे यह आवेदक निजी डाक्टर के मेडिकल पर ही सीएमओ के काउंटर साइन मांग रहे थे। सीएमओ ने अलबत्ता बगैर फिटनेस कराए साइन करने से साफ-साफ इनकार कर दिया। कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं थे।
साफ था कि फिटनेस रिपोर्ट में कर्मचारियों को सच खुल जाने का डर सता रहा था। इनमें से एक आवेदक शिक्षा विभाग से संबद्ध हैं, जबकि दो विकास से जुड़े विभाग से।
उधर, चुनावी ड्यूटी से घबराए कुछ कर्मचारी तो ऊंची पहुंच का भी जुगाड़ करने में जुटे हैं। इस माह के अंतिम सप्ताह में चुनावी ड्यूटी के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम होना है।
जिन भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी, उन्हें इस कार्यक्रम में हिस्सा लेना होगा। इससे बचा जा सके, इसे देखते हुए कर्मचारियों के प्रयासों में तेजी आ गई है।
सीमएओ डा. गुरपाल सिंह के अनुसार हर चुनाव में इस तरह के केस सामने आते हैं। अबकी भी यही हाल है। जो कर्मचारी चुनावी ड्यूटी कटवाना चाहते हैं, वह पहले से ही मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।
जिस डाक्टर से इलाज उन्होंने दर्शाया हुआ है, उसी के मेडिकल पर वह काउंटर साइन चाहते हैं। यह संभव नहीं।