गन्ना समितियों में चुनावी सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि अभी तक शासन की ओर से तिथियों का एलान नहीं किया गया है। बावजूद इसके गन्ना समितियों की राजनीति करने वाले लोग सक्रिय हो गए हैं। नवंबर के बाद किसी भी समय चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अनंतिम सूची के प्रकाशित होते ही गन्ना समितियों में चुनावी सरगर्मी बढ़ना तय है। दरअसल, नवंबर में सहकारी गन्ना समितियों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में चुनावों को लेकर प्रबंधन समितियों ने तैयारियों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 20 नवंबर के करीब गन्ना समितियों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। चुनावों को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल समितियों में मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। सूची से मृतक सदस्याओं के नाम, डबल नाम और अन्य तरह की त्रुटियों को दूर किया जा रहा है। हालांकि समितियों की ओर पहले से ही सीमांकन कार्य पूरा कर प्रस्ताव काशीपुर मुख्यालय भेजा जा चुका है। उधर, गन्ना समितियों की राजनीति के माहिर खिलाड़ियों ने कार्यालयों के चक्कर लगाने और किसानों की नब्ज टटोलना शुरू कर दिया है।
Iडोईवाला और देहरादून समितियों का हो रहा संचालनI
जिले में डोईवाला और देहरादून सहकारी गन्ना समितियां संचालित हैं। फिलहाल डोईवाला में 8491 और देहरादून समिति में 6863 सदस्य हैं। डोईवाला में 178 डेलीगेट, 11 निर्वाचित व दो मनोनीत डायरेक्टरों की व्यवस्था है जबकि, देहरादून समिति में 75 डेलीगेट, नौ निर्वाचित व दो मनोनीत डायरेक्टरों से बना बोर्ड संचालित है।
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Iगन्ना समिति में फिलहाल मतदाता सूची को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। सीमांकन प्रस्ताव तैयार कर पहले ही मुख्यालय भेज जा चुके हैं। शासन के आदेशानुसार कार्य किया जा रहा है। - कुलदीप तोमर, सचिव, सहकारी गन्ना समिति, देहरादूनI