नेताओं से भयाक्रांत रहने वाले मझोले किस्म के अफसर आजकल तुर्रम खां बन गए हैं।
मुलाजिम नोटिस देगा तो हुक्मरानों का इगो हर्ट होगा
चाहे प्रदेश के मुखिया हों या फिर कोई और धड़ाधड़ नोटिस दी जा रही है। जाहिर है यस सर, यस सर कहने वाला मुलाजिम नोटिस देगा तो हुक्मरानों का इगो हर्ट होगा ही।
बहरहाल दो महीने की बात है सो बर्दाश्त किए हैं। एक दिन कलेक्ट्रेट में यही सब चर्चा चल रही थी तो एक अफसर बोले-गुरू दो महीने के लिए ही सही उस्तरा हाथ में तो है।
तब तक उसका शहंशाही से इस्तेमाल किया जाए। इसके बाद तो जी-हुजूर तो करना ही है।