तृतीय मैकानाइज्ड इंफ्रेंट्री रेजिमेंट (1/8 जीआर) ने अपना 200वां स्थापना दिवस दून सैनिक इंस्टीट्यूट में मनाया। इस अवसर पर 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों ने पुरानी यादें भी ताजा कीं।
इस दौरान बटालियन के पूर्व सैनिक संगठन के वरिष्ठ सलाहकार कर्मल पीबी थापा (सेनि.) ने बताया कि तृतीय बटालियन, मैक्नाइज्ड इंफेंट्री रेजिमेंट (1/8 जीआर) का गठन 19 फरवरी 1824 को कैप्टन पैट्रिक इजन के नेतृत्व में सिलहट (हाल बांग्लादेश) में 16 सिलहट लोकल बटालियन के नाम से गठित की गई। उसके बाद सद् 1907 में बटालियन का नाम प्रथम बटालियन आठवीं गोर्खा राइफल्स रखा गया। सन 1981 में आठवीं गोर्खा राइफल्स से अलग होकर मैकनाइज्ड इंफेंट्री रेजिमेंट का हिस्सा बनी और स्थापना के तिथि के अनुसार वरिष्ठता क्रम में वर्तमान नाम मिला।
कहा कि परमवीर चक्र विजेता ले. कर्नल स्व धनसिंह थापा और हाल ही में जिनके नाम पर भारत सरकार ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक द्वीप का नाम उनके नाम पर रखा गया है। जकार्ता एशियाड के मुक्केबाजी में भारत के प्रथम स्वर्ण पदक विजेता, अर्जुन पुरस्कार एवं उत्तराखंड सरकार की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित कैप्टन पदम बहादुर मल्ल भी इसी रेजिमेंट से हैं। इस अवसर पर कर्नल मनमोहन सिंह रावत, कर्नल जगमोहन सिंह रावत, कर्नल सुगंध शर्मा, देवेंद्र कुमार गुरुंग, रामसिंह गुरुंग, विनोद थापा, यमन थापा, गजेंद्र सिंह थापा आदि परिवार सहित मौजूद रहे।