कर्मचारियों ने पूजा वाले कमरे का दरवाजा तोड़कर गैस सिलिंडर बाहर फेंका और नंदन सिंह के शव को निकाला। अनुमान है कि बुजुर्ग ने सिलेंडर खुला छोड़कर आग लगाई होगी। शव जलकर काला पड़ गया था।
इस बीच सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल और थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत मौके पर पहुंच गए। पति के बगल वाले कमरे में पत्नी कमला परिहार का शव बिस्तर पर पड़ा था। उनके कान और नाक से खून बहा था। पुलिस ने आशंका जताई कि बुजुर्ग शिक्षिका की मौत जहर या ओवरडोज दवा खाने के चलते हुई है।
पुलिस ने सुबह घर आई नौकरानी लक्ष्मी से पूछताछ की। लक्ष्मी ने बताया कि वह सुबह साढ़े छह बजे आई थी तो अंकल (नंदन सिंह परिहार) ने गेट खोला था। वह अंकल के कहने पर पोछा लगाए बगैर बर्तन साफ कर चली गई। अंकल ने कहा कि वह विदेश जा रहे हैं। इसी कारण उन्होंने एडवांस दो हजार रुपये भी दिए थे।
सेवानिवृत्त अधिकारी नंदन परिहार की आत्महत्या की सूचना पर उनके साले गोविंद सिंह बिष्ट अपनी पत्नी पुष्पा बिष्ट के साथ पहुंचे। दोनों ने बताया कि चार महीने पहले कमला परिहार के दिल की बाईपास सर्जरी हुई थी। उनको डायबिटीज और ब्लड प्रेशर रोग भी था। नंदन परिहार ने भी हाल में एक बीमारी के चलते सर्जरी कराई थी। कमला का बड़ा बेटा धीरेंद्र परिहार हरिद्वार आईबी में और छोटा बेटा पुणे स्थित आर्मी के मेडिकल कोर में मेजर पद पर तैनात है।
दोनों की शादी हो चुकी है। नंदन परिहार ने नौकरी करते समय भवाली में मकान बनवाया था। इलाज के लिए बुजुर्ग दंपति ने पांच साल पहले कुंवर कालोनी में मकान बनवाया था। कुछ दिनों पहले सास कमला और बड़ी बहू के बीच कहासुनी भी हो गई थी। इसी कारण पति-पत्नी दुखी रहते थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया।