दूसरे बच्चे भी शिवांग को वही छोड़कर इधर-उधर हो लिए। कुछ देर बाद महिलाएं बाहर आईं तो शिवांग वहां नहीं था। वाटर पार्क के कर्मचारियों ने उसकी खोजबीन की तो शिवांग स्वीमिंग पूल के ट्यूबवेल के पास दिखाई दिया। उन्होंने शिवांग को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। साथ गए लोगों ने सूचना व्यापारी हीरालाल को दी, जिस पर वह एमपी चौक से ही लौट गए।
आशंका जताई जा रही है कि पैर फिसलने के कारण शिवांग स्वीमिंग पूल में गिरा होगा। देर शाम शिवांग का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शिवांग निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। उसकी एक छोटी बहन कृतिका है। इस हादसे से कालोनी में शोक व्याप्त है। मेयर ऊषा चौधरी, पार्षद गुरविंदर चंडोक, ब्रहमापाल आदि ने शिवांग के घर पहुंचकर उसके परिजनों का सांत्वना दी।