फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 12 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। इनमें तीन शिक्षक ऐसे है जो सेवानिवृत्त हो चुके थे और एक आरोपी शिक्षक ने पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।
सेवानिवृत्त हुए आरोपी शिक्षकों की पेंशन रोक दी गई है। आरोपी शिक्षकों को अब तक मिले समस्त लाभ और वेतनमान की रिकवरी की भी तैयारी विभाग ने कर ली है। एसआईटी की ओर से शीघ्र ही इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। इनके अलावा 339 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच में एसआईटी जुट गई है।
राजकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में सामने आए फर्जीवाड़े की जांच में 12 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। गौरतलब है कि एसआईटी ने हरिद्वार जनपद के 351 शिक्षकों के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र और भर्ती के दस्तावेज मांगे थे।
वर्ष 2014-16 के शिक्षकों के समस्त दस्तावेज मिल गए थे, लेकिन वर्ष 2002 से पूर्व के 51 शिक्षकों में से 12 शिक्षकों ने अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। यही नहीं शिक्षा विभाग के दफ्तरों में भी इनके दस्तावेज नहीं मिले। इन शिक्षकों को मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समाचार पत्रों में 20 सितंबर को विज्ञापन प्रकाशित कराते हुए 27 सितंबर तक अपने मूल दस्तावेज जमा करने को कहा गया था।
यह हैं आरोपी शिक्षक
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इन 12 शिक्षकों ने निर्धारित तिथि 27 सितंबर तक भी अपने मूल दस्तावेज विभाग को उपलब्ध नहीं कराए। शिक्षा विभाग ने मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए आठ कार्यरत शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त करने के साथ ही पेंशन पा रहे चार आरोपी शिक्षकों की पेंशन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
यह हैं आरोपी शिक्षक
बहादराबाद ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुर्जर बस्ती गैंडीखाता से जगराम सिंह, मिठीबेरी के विपिन प्रकाश शर्मा, बौंगला के महीपाल सिंह, गैंडीखाता गुर्जर बस्ती के हरपाल सिंह, मंगोलपुरा के रामपाल सिंह, हजाराग्रंट से नागेंद्र सिंह है। लक्सर ब्लाक के मुंडाखेड़ा के ब्रहमपाल सिंह, नंदपुर के जगपाल सिंह, चिड़ियापुर स्कूल के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके छिदा सिंह, नरोजपुर के सेवानिवृत्त हो चुके रक्षपाल, डूंगरपुर से सेवानिवृत्त हो चुकी स्नेहलता, बहादराबाद से सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक चरण सिंह है।
वर्ष 2002 से पूर्व में भर्ती हुए 12 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें से चार सेवानिवृत्त हो चुके थे, इनकी पेंशन रोकने को आदेश कर दिए गए हैं। बर्खास्तगी की समस्त कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी गई है। अब इनको दिए गए लाभ और वेतनमान की रिकवरी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
- ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक।