एक शिक्षक ने नौकरी पाने के लिए सारी हदें पार कर दी। शिक्षक के बारे में जब जिला शिक्षाधिकारी को पता लगा तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
लक्सर ब्लाक में एक अध्यापक की ओर से फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर नौकरी करने का मामला सामने आया है। सूचना आयोग के बाद विभाग ने भी बार-बार शिक्षक को डाक्यूमेंट उपलब्ध कराने के लिए कहा, लेकिन अध्यापक ने ऐसा नहीं किया । इस आधार पर फर्जी डाक्यूमेंट होने का संदेह जताते हुए उपशिक्षा अधिकारी लक्सर ने अध्यापक के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
लक्सर उपशिक्षा अधिकारी अनीता चौहान ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि छिद्दा सिंह निवासी वरखेड़ा सादात, पोस्ट गजास्थल, जिला-ज्योतिबा फुले नगर राजकीय प्राथमिक विद्यालय चिड़ियापुर में तैनात थे। पिछले साल छिद्दा सिंह स्वेच्छा से सेवानिवृत हो गए थे, लेकिन इससे पहले छिद्दा सिंह के शौक्षिक प्रमाण पत्रों को लेकर एक आरटीआई कार्यकर्ता आयोग चला गया था।
इसके बाद आयोग ने छिद्दा सिंह से अपने डाक्यूमेंट आरटीआई कार्यकर्ता को देने के लिए कहा, लेकिन छिद्दा सिंह ने अपने प्रमाण पत्र नहीं सौंपे। इसके चलते छिद्दा सिंह फर्जी डाक्यूमेंट के दायरे में आ गए। सूचना आयोग ने छिद्दा सिंह पर कार्रवाई करने के निर्देश विभाग को दिए।
विभाग ने अपना पक्ष रखने के लिए छिद्दा सिंह से कहा, लेकिन छिद्दा सिंह ने इसके बाद भी अपना पक्ष विभाग के सामने नहीं रखा। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले को लेकर उपखंड शिक्षा अधिकारी लक्सर को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए निर्देश दिए। पुलिस उपनिरीक्षक तसलीम आरिफ ने बताया कि उपखंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर छिद्दा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।