चांदनी का कहना था कि प्रदेशभर में 4200 अतिथि शिक्षक 31 मार्च 2018 को घर बैठा दिए गए। इनमें से करीब 1500 शिक्षकों का तो अब तक चयन नहीं हुआ। वे आशा कर रहे थे कि सरकार उनकी जल्द वापसी करेगी। लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।
घर बैठा दिए गए अतिथि शिक्षकों की बेरोजगारी के सवाल पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से बंधी है। अतिथि शिक्षकों पर न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, सरकार उस पर अक्षरश: पालन करेगी। यदि फैसला आने में विलंब होता है तो सीधे साक्षात्कार के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
मंत्री से पूछा गया कि अतिथि शिक्षक पिछले एक साल से बेरोजगार बैठे हैं, तो उनका जवाब था वे श्रम मंत्री नहीं शिक्षा मंत्री हैं। उनका काम बेरोजगारी दूर करना नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग को योग्य शिक्षक देना है। जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशेष कार्याधिकारी ऊर्बादत्त भट्ट, भाजपा नेता सुभाष बड़थ्वाल, सह मीडिया प्रभारी शादाब शम्स, अजेंद्र अजय समेत कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
-योग प्रशिक्षितों ने शिक्षा विभाग में नौकरियां खोलने की मांग की, जिस पर शिक्षा मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
-डीएलएड और टीईटी पास अभ्यर्थियों को उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनके मामले में गंभीरता से विचार करेगी।
100 से अधिक सुनीं शिकायतें
मंत्री ने जनता दर्शन के दौरान 100 से अधिक शिकायतें सुनीं। इस दौरान इलाज के लिए आर्थिक सहायता को लेकर उनके पास केवल एक ही प्रार्थना पत्र पहुंचा। मंत्री ने कहा कि यह अटल आयुष्मान योजना का ही असर है कि केवल एक ही ऐसा मामला पहुंचा। पहले इलाज के लिए आवेदनों की संख्या बहुत ज्यादा होती थी।
पति 90 प्रतिशत विकलांग हो गए, तबादला कर दो
शिक्षा मंत्री ने नरेंद्रनगर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंजियाडी में सहायक अध्यापक पद पर तैनात शिक्षक मोहम्मद वानिस का तबादला हरिद्वार जनपद में करने का आश्वासन दिया। रुड़की के भौंरी गांव की निवासी वानिस की पत्नी शाहीन परवीन ने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई कि उनके पति 2016 में एक दुर्घटना में एक पांव गंवा चुके हैं। 90 फीसदी विकलांगता की वजह से उनका दुर्गम में नौकरी करना संभव नहीं है।
पंचायतीराज मंत्री अरविंद पांडेय के सामने बंजारावाला ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि वहां दस्तावेजों में 2009 के एक मृतक को जीवित दिखाकर धनराशि का दुरुपयोग हुआ। मंत्री को एक शिकायत पत्र सौंपा गया, जिस पर उन्होंने अपर सचिव पंचायतीराज हरिचंद सेमवाल को प्रकरण का परीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मांगा समान काम का समान मानदेय
बियरफुट तकनीशियन संगठन ने मंत्री से शिकायत की कि प्रदेशभर के बियरफुट तकनीशियनों को समान कार्य का समान मानदेय नहीं मिल रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी विसंगति दूर नहीं की जा रही है। इस पर मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के ओएसडी ऊर्बादत्त भट्ट ने उनकी मांग के संबंध में अपर सचिव ग्राम्य विकास राम बिलास यादव को एक पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा की।