देहरादून में पढ़ाई के नाम पर मोटी कमाई करने वाले शिक्षण संस्थानों का हाजमा काफी दुरुस्त है। इतना की सर्विस टैक्स का लाखों रुपए पचा गए।
शिकंजा कसने की तैयारी
इन पर शिकंजा कसने के लिए विभाग कुंडली तैयार कर रहा है। सूत्रों की मानें तो दून में ही करीब 250 प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान हैं, जिन्होंने सर्विस टैक्स नहीं भरा है। इन्होंने अपने कैंपस को विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किराए पर दिया।
इन स्कूलों में फेस्ट आयोजित किए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनसे शिक्षण संस्थानों को कमाई हुई।
बीते अप्रैल माह में जारी बजट के सेवा कर प्रावधान के अनुसार शिक्षण संस्थानों को इस तरह की कमाई में से 12.36 प्रतिशत बतौर सर्विस टैक्स भरना था, लेकिन अभी तक एक भी शिक्षण संस्थान की तरफ से इस मद में टैक्स जमा नहीं कराया गया है।
शिक्षण संस्थानों का सर्वे करा रहा विभाग
सेंट्रल एक्साइज और कस्टम एंड सर्विस टैक्स के डिप्टी कमिश्नर आरपी सिंह कहते हैं कि किस पर सर्विस टैक्स की कितनी देनदारी बनती है विभाग इस तरह के शिक्षण संस्थानों का सर्वे करा रहा है। सूची तैयार करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।